Jabalpur News: हमारी भी सुनो 'सरकार'! नगर निगम की जनसुनवाई में वर्तमान और पूर्व पार्षद ने सुनाई अपनी पीड़ा

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए शासन के निर्देश पर हर मंगलवार को आयोजित होने वाली नगर निगम की जनसुनवाई में इस बार बेहद अनोखा नजारा देखने को मिला। नगर निगम मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई में न केवल आम जनता, बल्कि खुद जनप्रतिनिधि भी अपने क्षेत्रों की गंभीर समस्याओं को लेकर गुहार लगाने पहुंचे। मंगलवार को हुई इस जनसुनवाई में एक वर्तमान पार्षद जनता के लिए पानी मांगने पहुंचे, तो वहीं एक 80 वर्षीय पूर्व पार्षद खुद की पीड़ा लेकर अधिकारियों के सामने खड़े नजर आए।

रानी दुर्गावती वार्ड क्रमांक 17 के कांग्रेस पार्षद शेखर सोनी, शिवशक्ति मंदिर के पास छुई खदान क्षेत्र के दर्जनों नागरिकों को लेकर जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने जनसुनवाई कर रहे अपर आयुक्त मनोज श्रीवास्तव और सहायक आयुक्त वेदप्रकाश को क्षेत्र की विकराल समस्या से अवगत कराया। पार्षद ने बताया कि छुई खदान के 50 से अधिक परिवार पिछले दो महीनों से बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। इस क्षेत्र के सभी घरों में वैध नल कनेक्शन हैं, लेकिन इसके बावजूद पिछले दो माह से नर्मदा जल की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। पार्षद की अगुवाई में पहुंचे पीड़ित नागरिकों—विनोद केवट, द्वारका पटेल, संतोष दुबे, सोनू पाठक और अनीता पाठक ने बताया कि उनका क्षेत्र ऊंचाई पर स्थित है। जिस पानी की टंकी से छुई खदान में सप्लाई होती थी, नगर निगम ने वहां से अन्य नए क्षेत्रों के लिए पाइपलाइन का विस्तार कर दिया है। इसके चलते अब ऊंचाई वाले इस इलाके तक पानी का प्रेशर पहुंच ही नहीं पा रहा है। पिछले दो महीनों से स्थानीय निवासी कुएं और आस-पास के निजी बोरिंग से पानी ढोने के लिए विवश हैं और उन्हें रोजाना भीषण गर्मी में पानी के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर आयुक्त ने आवेदन तुरंत जल विभाग को भेजकर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

इसी जनसुनवाई में बिलहरी निवासी 80 वर्षीय पूर्व पार्षद भगतराम सिंह भी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने अपर आयुक्त को बताया कि उनके निवास के पास ही नियमों को ताक पर रखकर बिना नक्शा स्वीकृति के एक अवैध निर्माण करा लिया गया है, जो पूरी तरह से स्वीकृत मानदंडों के विरुद्ध है। पूर्व पार्षद ने लाचारी जताते हुए कहा कि वे इस अवैध निर्माण की शिकायत पिछले तीन साल से लगातार नगर निगम में करते आ रहे हैं, परंतु आज तक इसका कोई निराकरण नहीं हुआ। इस अवैध निर्माण के कारण आगामी बरसात के दिनों में पानी की निकासी अवरुद्ध हो जाएगी, जिससे क्षेत्र में जलभराव का खतरा मंडरा रहा है। इस पर अपर आयुक्त ने उन्हें जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए फाइल भवन शाखा को प्रेषित कर दी।

गौरतलब है कि इस मंगलवार को नगर निगम मुख्यालय में कुल 40 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि शहर के सभी 16 संभागीय कार्यालयों में 20 शिकायतें दर्ज की गईं। नगर निगम प्रशासन का दावा है कि ज्यादातर सामान्य शिकायतों का मुख्यालय और संभागीय स्तर पर मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को बुलाकर निराकरण करा दिया गया, जबकि कतिपय गंभीर व महत्वपूर्ण आवेदनों को विस्तृत जांच और कार्रवाई के लिए संबंधित तकनीकी विभागों को सौंप दिया गया है।

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