दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) मैहर। मैहर के पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी ने गुरुवार को आरक्षण व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आरक्षण का आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति होना चाहिए। उनका मानना है कि सभी जाति और धर्म के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उनकी वास्तविक स्थिति के आधार पर आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
त्रिपाठी ने आर्थिक असमानता को देश के विकास में बड़ी चुनौती बताते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि संविधान के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को आगे लाने और समानता स्थापित करने का प्रयास किया गया था। जब तक आर्थिक असमानता दूर नहीं होगी, तब तक देश का समुचित विकास संभव नहीं है।
पूर्व विधायक ने समान शिक्षा नीति लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार का बच्चा चाहे किसी भी जाति या धर्म से हो, यदि वह आर्थिक रूप से कमजोर है तो उसे आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए।
उन्होंने एससी, एसटी और पिछड़ा वर्ग के लोगों से भी इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। त्रिपाठी ने कहा कि आरक्षण को केवल राजनीतिक बहस का मुद्दा बनाने के बजाय गरीब परिवारों और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था पर विचार जरूरी है, जिससे वास्तविक रूप से जरूरतमंद लोगों को शिक्षा और विकास के अवसर मिल सकें।
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