Jabalpur News: पटेल स्वीट्स के पास 24 वर्षीय शिक्षिका को हाइवा ने कुचला, मौत; कागजों तक सीमित नो-एंट्री व्यवस्था?

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर।
गढ़ा थाना क्षेत्र के संजीवनी नगर में बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार 24 वर्षीय युवती की मौत हो गई। पटेल स्वीट्स के पास तेज रफ्तार हाइवा ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल युवती को उपचार के लिए मेडिकल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतका की पहचान 24 वर्षीय दीक्षा गुप्ता के रूप में हुई है। बताया जाता है कि दीक्षा शाही तालाब के पास स्थित रॉयल स्कूल में शिक्षिका थीं और बच्चों को कोचिंग भी पढ़ाती थीं। बीती रात वह बच्चों को कोचिंग पढ़ाने के बाद हनुमान मंदिर में दर्शन करने गई थीं। दर्शन के बाद वह अपनी स्कूटी से वापस घर लौट रही थीं। इसी दौरान संजीवनी नगर में पटेल स्वीट्स के पास यह हादसा हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाइवा की टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी सवार युवती सड़क पर जा गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस और स्थानीय नागरिकों ने घायल दीक्षा को तत्काल मेडिकल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

घर में छाया मातम, रुंधे गले से दी अंतिम विदाई


दीक्षा की मौत की खबर जैसे ही परिजनों तक पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। जिस बेटी के घर लौटने का इंतजार परिवार कर रहा था, उसकी मौत की खबर ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया। शुक्रवार को परिजनों और परिचितों ने नम आंखों और रुंधे गले से दीक्षा को अंतिम विदाई दी। हादसे ने परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल दीं।

हाइवा चालक पुलिस की गिरफ्त में

गढ़ा पुलिस के अनुसार बीती रात करीब 10 बजे सूचना मिली थी कि संजीवनी नगर स्थित पटेल स्वीट्स के पास हाइवा चालक ने स्कूटी सवार युवती को टक्कर मार दी है। सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल युवती को अस्पताल भिजवाया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हाइवा चालक को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में हादसे के कारणों और वाहन की गति सहित अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

नो एंट्री में हाइवा कैसे पहुंचा?


इस दर्दनाक हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल संजीवनी नगर की यातायात व्यवस्था को लेकर खड़ा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस मार्ग पर भारी वाहनों के लिए नो एंट्री लागू होने की बात कही जाती है, वहां आखिर हाइवा पहुंचा कैसे? हादसे के बाद लोगों के बीच यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या भारी वाहनों की नो एंट्री का पालन वास्तव में सड़क पर कराया जा रहा है या यह व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित है? यदि मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित था, तो हाइवा को वहां तक पहुंचने से रोकने के लिए जिम्मेदार अमला कहां था? स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में लगातार बढ़ते यातायात और भारी वाहनों की आवाजाही के बीच नो एंट्री व्यवस्था की प्रभावी निगरानी बेहद जरूरी है। यदि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहन आसानी से प्रवेश करते रहे तो ऐसी घटनाओं का खतरा बना रहेगा।

हादसे ने यातायात व्यवस्था पर खड़े किए सवाल

दीक्षा गुप्ता की मौत ने एक बार फिर शहर की यातायात व्यवस्था, भारी वाहनों की निगरानी और नो एंट्री के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि सड़क पर नियमों का पालन केवल कागजों में नहीं, बल्कि मौके पर भी दिखाई देना चाहिए।

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