दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। मध्य प्रदेश में दूषित पानी से हो रही मौतों के बीच जबलपुर से भी एक गंभीर मामला सामने आया है। नर्मदा नदी में सीवेज का पानी मिलने और उसी पानी की सप्लाई शहर में किए जाने के आरोपों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इस मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए हैं, वहीं गंदे पानी की सप्लाई का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है।
नर्मदा में मिल रहा सीवेज
पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि जबलपुर के ग्वारीघाट क्षेत्र में सीवेज का पानी सीधे नर्मदा नदी में मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वहां बने सीवेज टैंक में कोई प्रभावी फिल्टर सिस्टम नहीं है।
पेयजल प्लांट पर मंडरा रहा खतरा
दिग्विजय सिंह के अनुसार, यही दूषित पानी करीब 500 मीटर दूर स्थित ललपुर पेयजल सप्लाई प्लांट तक पहुंच रहा है, जहां से जबलपुर शहर को पानी की सप्लाई की जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो शहर में बड़ा हादसा हो सकता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है।
गंदे पानी की सप्लाई पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका
जबलपुर निवासी अधिवक्ता ओपी यादव ने इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में जबलपुर कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, महापौर और प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन को पक्षकार बनाया गया है।
2019 से दूषित पानी की सप्लाई का आरोप
याचिका में दावा किया गया है कि वर्ष 2019 से शहर के कई इलाकों में गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है। याचिकाकर्ता का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए कोई सटीक और पारदर्शी व्यवस्था भी नहीं है।
हाईलेवल जांच समिति की मांग
जनहित याचिका में पूरे मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की गई है, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।
इंदौर में दूषित पानी से 18 मौतों ने बढ़ाई चिंता
गौरतलब है कि हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता और प्रभावितों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस सरकार पर लगातार हमलावर है। विपक्ष का कहना है कि जल आपूर्ति जैसे गंभीर मुद्दे पर लापरवाही जनता की जान से खिलवाड़ है और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
