दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। डुमना एयरपोर्ट के समीप स्थित ग्राम गदेरी में शुक्रवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मकान निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान जमीन के भीतर दबा एक भारी-भरकम जिंदा बम बरामद हुआ। सूचना मिलते ही खमरिया थाना पुलिस और बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) तत्काल मौके पर पहुंचा। सुरक्षा जांच के बाद बम को सुरक्षित रूप से सेना के अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया गया है।
पिलर की खुदाई के दौरान नजर आई संदिग्ध वस्तु
जानकारी के अनुसार, ग्राम गदेरी निवासी सुनील यादव के प्लॉट पर इन दिनों भवन निर्माण का कार्य चल रहा था। शुक्रवार शाम जब मजदूर पिलर के लिए जमीन में करीब 3 से 4 फीट नीचे खुदाई कर रहे थे, तभी उन्हें लोहे जैसी एक भारी वस्तु दिखाई दी। शुरुआत में मजदूरों ने इसे कोई पुराना कबाड़ समझा, लेकिन जब उसे नजदीक से साफ करके देखा गया तो उसकी आकृति हूबहू सैन्य बम जैसी नजर आने लगी। खतरे को भांपते हुए मजदूरों ने तुरंत काम रोक दिया और मकान मालिक को इसकी जानकारी दी।
12 किलो वजनी जिंदा यूएक्सओ (UXO) बम होने की पुष्टि
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खमरिया थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। इसके बाद बम निरोधक दस्ते (BDS) को बुलाया गया। विशेषज्ञों ने जांच के बाद पुष्टि की कि जमीन में दबा हुआ यह बम एक यूएक्सओ (Unexploded Ordnance यानी बिना फटा सैन्य गोला-बारूद) है, जो पूरी तरह जिंदा अवस्था में था। बताया जा रहा है कि इस बम का वजन १२ किलोग्राम से अधिक है और फटने की स्थिति में इसकी मारक क्षमता लगभग ५० मीटर के दायरे तक हो सकती थी।
आयुध निर्माणी खमरिया से जुड़ी हो सकती हैं कड़ियां
घटना की खबर जैसे ही इलाके में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण और तमाशबीन वहां एकत्र हो गए। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल आसपास के घरों और लोगों को वहां से दूर हटाया। उल्लेखनीय है कि जिस गदेरी गांव में यह बम मिला है, वह सैन्य क्षेत्र और आयुध निर्माणी खमरिया (OFK) से महज ६ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि यह काफी पुराना यूएक्सओ बम है, जो सेना के पुराने अभ्यास या किसी अन्य वजह से बरसों पहले यहां गिरा होगा और धीरे-धीरे जमीन में दफन हो गया।
सेना की विशेषज्ञ टीम करेगी डिफ्यूज
खमरिया थाना प्रभारी राजकुमार खटीक ने बताया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बम को बीडीएस की मदद से सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में लिया गया और सैन्य अधिकारियों को सौंप दिया गया है। अब सेना की विशेषज्ञ टीम द्वारा सुरक्षित स्थान पर ले जाकर इसे डिफ्यूज (निष्क्रिय) करने की प्रक्रिया की जा रही है। वहीं, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच में जुटी हैं कि यह सैन्य शेल इस नागरिक इलाके तक कैसे पहुंचा।
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