मप्र स्टेट बार काउंसिल चुनाव आज: 87 हजार से ज्यादा वकील डाल रहे वोट, 122 प्रत्याशी मैदान में

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। मध्यप्रदेश स्टेट बार काउंसिल के चुनाव के लिए मंगलवार को प्रदेशभर में मतदान शुरू हो गया। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाली वोटिंग में 87,441 अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव को लेकर प्रदेशभर के वकीलों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

प्रदेशभर में बनाए गए 244 मतदान केंद्र

चुनाव के लिए पूरे मध्यप्रदेश में 244 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इस बार 122 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। वोटों की गिनती 16 जून से शुरू होगी, जिसके बाद नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा।

जबलपुर स्थित मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की मुख्यपीठ में हाईकोर्ट के साउथ ब्लॉक और जिला न्यायालय परिसर की बेसमेंट पार्किंग में मतदान कराया जा रहा है। अधिवक्ताओं से मतदान के दौरान परिचय पत्र साथ लाने की अपील की गई है।

25 सदस्यीय नई कार्यकारिणी का होगा गठन

चुनाव के जरिए 18 पुरुष और 5 महिला उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इसके अलावा 2 महिला सदस्यों को बाद में को-ऑप्शन के माध्यम से मनोनीत किया जाएगा। इस तरह कुल 25 सदस्यीय नई कार्यकारिणी गठित होगी।

मुख्य चुनाव अधिकारी एसके पालो, सहायक चुनाव अधिकारी जीएस बघेल और दीपक अवस्थी ने बताया कि मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

9 शासकीय अधिवक्ताओं को मिली जिम्मेदारी

मुख्य चुनाव अधिकारी जस्टिस एसके पालो ने चुनाव कार्य के लिए प्रदेश शासन के 9 शासकीय अधिवक्ताओं को सहायक मतदान अधिकारी नियुक्त किया है।

जबलपुर के लिए अजय शुक्ला, सीएम तिवारी और मानस मणि वर्मा को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं इंदौर में तरुण पगारे, राहुल सोलंकी और गौरव रावत को तैनात किया गया है। ग्वालियर में सीपी सिंह, ब्रजेश त्यागी और कल्पना परमार चुनाव प्रक्रिया संभाल रहे हैं।

युवा उम्मीदवारों की सक्रियता बनी चर्चा का विषय

इस बार चुनाव में युवा अधिवक्ताओं की सक्रियता खास चर्चा में है। करीब पांच वर्ष की कम प्रैक्टिस वाले नौ युवा उम्मीदवार सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संपर्क के जरिए जोरदार प्रचार अभियान चला रहे हैं।

इनमें विधि सिंह परिहार, अन्नू पटेल, रघुवंश प्रसाद पाण्डेय, अपूर्वा सिंह, बृजेन्द्र देव पाण्डेय, अवधेश कुमार त्यागी, निकिता जैन, रेखा बोरीवाल और प्रतीका पाठक शामिल हैं।

पोस्टरबाजी पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

चुनाव प्रचार के दौरान कोर्ट परिसरों की दीवारों पर पोस्टर और प्रचार सामग्री लगाए जाने को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बार काउंसिल चुनाव के लिए कोई आचार संहिता नहीं बनाई गई, जो चिंताजनक है।

अदालत ने कहा कि यदि उम्मीदवारों ने कोर्ट परिसर की दीवारों को गंदा किया है तो उसकी सफाई की जिम्मेदारी भी काउंसिल की होगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि उम्मीदवारों से 1.25 लाख रुपए नामांकन शुल्क लिया गया है, इसलिए जरूरत पड़ने पर उसी राशि से सफाई कराई जा सकती है।

हालांकि डीके जैन द्वारा याचिका वापस लेने के बाद मामला खारिज कर दिया गया, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की बात जरूर कही गई।

Post a Comment

Previous Post Next Post