दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। आज से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है और पहले ही दिन सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने लोगों को बेचैन कर दिया। संस्कारधानी में सुबह से ही सूर्यदेव अपनी किरणों से मानों ज्वाला बरसा रहे हैं। सुबह 10 बजते-बजते ही शहर का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आज अधिकतम तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो-तीन दिन जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में ऐसी ही झुलसाने वाली गर्मी पड़ेगी। इसके बाद प्री-मानसून गतिविधियों (प्री-मानसूनी रैन) के कारण पारे में गिरावट तो आएगी, लेकिन हवा में नमी बढ़ने से उमस वाली तीखी गर्मी लोगों को बेहाल करेगी।
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, जब सूर्य देव वृष राशि में रहते हुए रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब नौतपा की शुरुआत होती है। इस वर्ष नौतपा की अवधि 25 मई से 2 जून तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र में सूर्य के आने से धरती पर तपन काफी बढ़ जाती है। सनातन परंपरा में यह मान्यता है कि नौतपा के इन 9 दिनों में जितनी अधिक गर्मी पड़ती है, आगे चलकर वर्षा उतनी ही अच्छी होती है और मानसून मजबूत रहता है। यही वजह है कि किसान भाई भी इन दिनों को आने वाली फसल और खेती के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं।
इधर मौसम की गणनाएं एक राहत भरा संकेत भी दे रही हैं। लगातार तीसरे साल इस बार भी नौतपा में तापमान का कोई पुराना रिकॉर्ड टूटने की संभावना नहीं है। इसका मुख्य कारण मानसून की समय से पहले हो रही आमद है। मौसमविदों की मानें तो इस बार मानसून तय समय से आगे चल रहा है और इसके 26 मई के आसपास केरल पहुंचने की प्रबल संभावना है।
मानसून के केरल पहुंचते ही मध्य भारत के आसमान पर भी बादलों की आवाजाही शुरू हो जाती है और समुद्र से नम हवाएं आने लगती हैं। बादलों और नम हवाओं के कारण सूर्य की सीधी किरणें धरती तक नहीं पहुंच पातीं, जिससे तापमान बहुत ज्यादा ऊपर नहीं चढ़ पाएगा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो-तीन दिन जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में ऐसी ही झुलसाने वाली गर्मी पड़ेगी। इसके बाद प्री-मानसून गतिविधियों (प्री-मानसूनी रैन) के कारण पारे में गिरावट तो आएगी, लेकिन हवा में नमी बढ़ने से उमस वाली तीखी गर्मी लोगों को बेहाल करेगी।
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, जब सूर्य देव वृष राशि में रहते हुए रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब नौतपा की शुरुआत होती है। इस वर्ष नौतपा की अवधि 25 मई से 2 जून तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र में सूर्य के आने से धरती पर तपन काफी बढ़ जाती है। सनातन परंपरा में यह मान्यता है कि नौतपा के इन 9 दिनों में जितनी अधिक गर्मी पड़ती है, आगे चलकर वर्षा उतनी ही अच्छी होती है और मानसून मजबूत रहता है। यही वजह है कि किसान भाई भी इन दिनों को आने वाली फसल और खेती के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं।
इधर मौसम की गणनाएं एक राहत भरा संकेत भी दे रही हैं। लगातार तीसरे साल इस बार भी नौतपा में तापमान का कोई पुराना रिकॉर्ड टूटने की संभावना नहीं है। इसका मुख्य कारण मानसून की समय से पहले हो रही आमद है। मौसमविदों की मानें तो इस बार मानसून तय समय से आगे चल रहा है और इसके 26 मई के आसपास केरल पहुंचने की प्रबल संभावना है।
मानसून के केरल पहुंचते ही मध्य भारत के आसमान पर भी बादलों की आवाजाही शुरू हो जाती है और समुद्र से नम हवाएं आने लगती हैं। बादलों और नम हवाओं के कारण सूर्य की सीधी किरणें धरती तक नहीं पहुंच पातीं, जिससे तापमान बहुत ज्यादा ऊपर नहीं चढ़ पाएगा।
Tags
jabalpur

