Jabalpur News: गौर में करंट लगने से 7 वर्षीय मासूम की मौत, आंधी-बारिश में टूटे तार की चपेट में आया बच्चा

दैनिक सांध्य बन्शु जबलपुर। गौर चौकी अंतर्गत रानी अवंती बाई वार्ड (क्रमांक 67) के कुड़रिया ग्राम में बुधवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला हादसा सामने आया है। बिजली कंपनी की घोर लापरवाही के चलते एक 7 वर्षीय मासूम बच्चे की करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव और भारी आक्रोश का माहौल है। स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि अगर बिजली विभाग ने उनकी बार-बार की जा रही शिकायतों को गंभीरता से लिया होता, तो आज एक हंसता-खेलता परिवार तबाह होने से बच जाता।

शौच के लिए गया था मासूम श्लोक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम कुड़रिया गौर निवासी संदीप कनौजिया का 7 वर्षीय पुत्र श्लोक कनौजिया बुधवार की सुबह हमेशा की तरह घर के पीछे स्थित खेत की तरफ शौच के लिए गया हुआ था। काफी देर तक जब मासूम घर वापस नहीं लौटा, तो परिजनों को चिंता हुई। जब परिजनों ने खेत की तरफ जाकर तलाश की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। श्लोक खेत में टूटे पड़े बिजली के तार की चपेट में आकर अचेत अवस्था में पड़ा हुआ था।

अस्पताल पहुंचने से पहले थमी सांसें


परिजनों ने आनन-फानन में बिना वक्त गंवाए श्लोक को बिजली के तार से अलग किया और तत्काल उसे लेकर निजी अस्पताल भागे। लेकिन दुर्भाग्यवश, अस्पताल में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मासूम को मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।

चेतावनी के बाद भी सोते रहे अधिकारी: कांग्रेस

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष पवन कनोजिया ने बिजली कंपनी के आला अधिकारियों को इस मौत का सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। कनोजिया ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली के तार झूल रहे थे, जिसकी लिखित और मौखिक सूचना स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार बिजली विभाग को दी जा रही थी। लेकिन लापरवाह अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मंगलवार की शाम आई तेज आंधी और बारिश के कारण ये जर्जर तार टूटकर खेत में गिर गए, जिनमें करंट दौड़ रहा था। इसी करंट की चपेट में आने से आज सुबह मासूम श्लोक की जान चली गई।"

दोषियों पर कार्रवाई की मांग, जन-आक्रोश भड़का


इस हृदयविदारक घटना के बाद से कुड़रिया और गौर क्षेत्र के नागरिकों में बिजली कंपनी के खिलाफ जबर्दस्त गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सीधे तौर पर प्रशासनिक हत्या है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि लापरवाही बरतने वाले बिजली कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें सस्पेंड किया जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

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