जंतर-मंतर प्रदर्शन: FRS और CCTV जांच में 2500 से अधिक आपराधिक रिकॉर्ड वाले संदिग्धों की पहचान, दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FCR), सोशल मीडिया पोस्ट और सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान करीब 2500 ऐसे लोगों की पहचान हुई है, जिनका कथित तौर पर पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस का कहना है कि इन लोगों की पहचान का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को चिन्हित करना है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पहचान किए गए लोगों में वेस्ट दिल्ली, नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली, साउथ दिल्ली समेत दिल्ली के अन्य जिलों के लोग शामिल हैं। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान सामने आए वीडियो और तस्वीरों की जांच के आधार पर संदिग्धों की पहचान की है। हालांकि, पुलिस के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

वहीं, प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प को लेकर भी जांच जारी है। सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव दिखाई दिया था। कुछ वीडियो में प्रदर्शनकारियों द्वारा सुरक्षा बलों पर हमला करने के आरोप लगे, जबकि दूसरी ओर पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग और पैलेट गन चलाने के आरोप भी लगाए गए।

दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर देवेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कि प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस के किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ निलंबन अथवा विभागीय कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी खबरों को गलत बताया। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान घायल हुए अधिकांश पुलिसकर्मी अब अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं और दोबारा ड्यूटी पर लौट रहे हैं।

इधर, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने भी प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग और पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह देखा जाएगा कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के दौरान RAF जवानों ने किन परिस्थितियों में कार्रवाई की और उन पर हमला होने की स्थिति में क्या कदम उठाए गए।

20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए मार्च के दौरान कई बार पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान 50 से अधिक पुलिसकर्मियों और लगभग इतने ही प्रदर्शनकारियों के घायल होने की बात सामने आई थी। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए RAF की तैनाती की गई और जंतर-मंतर खाली कराने के दौरान लाठीचार्ज भी हुआ।

दिल्ली पुलिस ने मौजूदा निषेधाज्ञा को देखते हुए लोगों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में बिना जरूरी कारण यात्रा करने से बचें और संभव हो तो वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें। साथ ही कैब, फूड डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स कंपनियों से भी प्रतिबंधित क्षेत्रों में अपने संचालन को नियंत्रित रखने की अपील की गई है।

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