दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। उन्होंने देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ने आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले को राष्ट्रीय हित, खासकर किसानों के लिए, निर्णायक कदम बताया।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में आम नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यार्थी, शिक्षक, वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, श्रमिक और किसान अपने-अपने स्तर पर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं।
विभाजन विभीषिका दिवस का किया उल्लेख
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि विभाजन की सांप्रदायिक हिंसा के कारण लाखों लोगों को शरणार्थी बनना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पहचान और जड़ों को नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान जनभागीदारी की भावना पर आधारित है और देशवासी लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में है। उन्होंने इसे विशेष रूप से किसानों के लिए निर्णायक कदम बताया।
एक दशक में तेज हुआ विकास
राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय में भारत ने तेज और समावेशी विकास किया है। विरासत और विकास के समन्वय को प्राथमिकता दी गई है तथा विकास में बाधक कई पुराने अवरोधों को दूर किया गया है।
उन्होंने कहा कि 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है। जनधन योजना के तहत करीब 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं, जिनमें 32 करोड़ से अधिक महिलाएं हैं। करीब 80 करोड़ लोगों के लिए मुफ्त राशन और आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराए जाने का भी उल्लेख किया।
देशहित पर आधारित है विदेश नीति
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की विदेश नीति देशहित पर आधारित है। आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए गए हैं और ग्लोबल साउथ में भारत अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया।
राष्ट्रपति भवन के एट होम में दिखेगी चार राज्यों की संस्कृति
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में होने वाले 'एट होम' रिसेप्शन में करीब 650 मेहमान शामिल होंगे, जिनमें लगभग 100 VVIP होंगे। इस वर्ष आयोजन में महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विरासत को प्रमुखता दी गई है।
मेहमानों का स्वागत मध्य प्रदेश के महेश्वर में तैयार किए गए हाथ से बुने महेश्वरी स्टोल से किया जाएगा। वहीं मेन्यू में कोंकण का पाटोलेओ, छत्तीसगढ़ का मिनी फरा, महाराष्ट्र की खामंग काकड़ी और मध्य प्रदेश के जबलपुर की गटपट जैसे क्षेत्रीय व्यंजन शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
कार्यक्रम में गेड़ी नृत्य, गौर माड़िया, लावणी, तुतारी, सोंगी मुखौटे, भगोरिया और बैगा करमा सहित विभिन्न लोक एवं पारंपरिक कलाओं की प्रस्तुतियां भी होंगी।
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