MP News: इंदौर की नाबालिग को गुजरात ले जाकर दुष्कर्म, आरोपी को 20 साल की सजा

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) इंदौर। इंदौर की विशेष POCSO कोर्ट ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर गुजरात ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। फैसला 11 अगस्त को 21वें अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष POCSO न्यायालय ने सुनाया।

पीड़िता कक्षा 10वीं की छात्रा थी। आरोपी की उससे करीब दो साल पहले पहचान हुई थी। वह अक्सर उसके घर के सामने से गुजरता था। बाद में उसने पीड़िता को मोबाइल नंबर दिया और दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। आरोपी पीड़िता से शादी करने का झांसा देता था।

बाइक से ले गया गुजरात

3 अक्टूबर 2025 को पीड़िता ने आरोपी को फोन कर अपने साथ ले जाने के लिए कहा। आरोपी बाइक से उसके घर के पास पहुंचा और उसे साथ लेकर तीन इमली चौराहे पहुंचा। वहां से दोनों बस के जरिए मोरबी, गुजरात चले गए। आरोपी वहां एक कंपनी में मजदूरी करता था और दोनों एक झोपड़ी में रहने लगे।

शादी का झांसा देकर बनाए संबंध

अभियोजन के अनुसार आरोपी ने मंदिर में शादी करने की बात कहकर नाबालिग के साथ दो बार शारीरिक संबंध बनाए। इधर, पीड़िता की मां ने 4 अक्टूबर को तेजाजीनगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तलाश के बाद 7 अक्टूबर को पीड़िता को बरामद किया। पूछताछ में उसने पुलिस को पूरी घटना बताई।

मामले में BNS की विभिन्न धाराओं और POCSO एक्ट की धारा 5(एल)/6 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। जांच के दौरान पीड़िता के बयान, मेडिकल परीक्षण, घटनास्थल का नक्शा और अन्य साक्ष्य जुटाए गए। अभियोजन की ओर से कोर्ट में 10 गवाहों के बयान कराए गए।

साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।

पीड़िता को 6 लाख रुपए देने की अनुशंसा

कोर्ट ने पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत नाबालिग को हुई शारीरिक और मानसिक क्षति को ध्यान में रखते हुए उसे 6 लाख रुपए की सहायता राशि दिए जाने की अनुशंसा भी की है।

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