दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) विशाखापट्टनम। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और सड़कों पर पानी भर गया। आंध्र प्रदेश में पांच लोगों की मौत की खबर है, जबकि करीब 57 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तूफान के प्रभाव से रेल और हवाई यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। करीब 50 ट्रेनें और विजयवाड़ा व विशाखापट्टनम से संबंधित हवाई सेवाओं की 21 उड़ानें रद्द की गई हैं।
तूफान के कारण तटीय क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। आंध्र प्रदेश के 167 गांवों में बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कई जिलों में धान के खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान की आशंका है। विशाखापट्टनम, काकीनाडा, अमलापुरम और अन्य तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की गई। विशाखापट्टनम में करीब 18 घंटे के दौरान 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने की जानकारी सामने आई है। चेन्नई के एन्नोर बीच पर समुद्र में लगभग 20 फीट ऊंची लहरें उठीं, जिससे तटीय सड़कों पर पानी भर गया और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
ओडिशा में भी तूफान का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। भारी बारिश की आशंका के चलते 16 जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य के गंजाम, बालेश्वर और पुरी सहित कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए राहत दल जुटे हुए हैं। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए करीब चार हजार चक्रवात आश्रय केंद्रों की व्यवस्था की गई है।
भारतीय वायुसेना ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए दो सी-130जे विमानों की मदद से विजयवाड़ा में 23 टन राहत सामग्री भेजी है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। एनडीआरएफ के अधिकारियों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में 16 टीमें तैनात हैं, जबकि अन्य प्रभावित राज्यों में भी टीमें तैयार रखी गई हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमों को हवाई मार्ग से प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, तूफान के तट पार करने के बाद इसकी तीव्रता धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन कई क्षेत्रों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट
चक्रवात के प्रभाव से देश के कई राज्यों में मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की आशंका है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 29 और 30 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार में भी 29 और 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
29 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत कई क्षेत्रों में बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी है। वहीं, 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और कुछ अन्य क्षेत्रों में बारिश का खतरा बना रह सकता है। मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी ताजा दिशा-निर्देशों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
तूफान के कमजोर पड़ने के बावजूद इसके प्रभाव से कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश, जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां बनी रह सकती हैं। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
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