दिग्विजय सिंह बोले- चंदा चोरों को जेल भेजो, EVM नहीं बैलेट पेपर से कराओ चुनाव; हर्षा रिछारिया के तंज पर कहा- उन्हें जानता भी नहीं

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) उज्जैन। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ने चंदा चोरी और वोट चोरी के मुद्दे उठाते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि चंदा चोरी करने वालों को पकड़कर जेल भेजना चाहिए और वोट चोरी बंद होनी चाहिए। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी की।

दिग्विजय सिंह बुधवार सुबह करीब 10 बजे उज्जैन के तराना रोड स्थित श्री साईं कुंज कॉलोनी से समर्थकों के साथ पैदल यात्रा पर निकले। हाथ में डंडा लेकर चल रहे दिग्विजय सिंह ने इस दौरान चंदा चोरी और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। उनकी यह यात्रा करीब 950 किलोमीटर लंबी है, जिसे लगभग 70 दिनों में अयोध्या स्थित राम मंदिर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

हर्षा रिछारिया के बयान पर बोले- उन्हें छोड़ दीजिए

यात्रा को लेकर मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि की टिप्पणी पर भी दिग्विजय सिंह से सवाल किया गया। हर्षा ने कहा था कि राम मंदिर बनने के समय वैसा उत्साह नहीं दिखा, जैसा अब मंदिर के चंदे पर सवाल उठाने में दिखाई दे रहा है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, “उनको छोड़ दीजिए, मैं जानता भी नहीं उनको।”

दिग्विजय सिंह ने यात्रा को शिव धाम से राम धाम तक की यात्रा बताया। यात्रा के दौरान उन्होंने समर्थकों के साथ ‘बम-बम भोले’ का उद्घोष किया, जिस पर समर्थकों ने ‘जय सियाराम’ के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि सनातनी परंपरा कभी सीता जी का अपमान नहीं करती।

चंदा चोरी के आरोपों पर कार्रवाई की मांग

दिग्विजय सिंह ने यात्रा के उद्देश्य पर बात करते हुए कहा कि सनातन धर्म के नाम पर चुनाव लड़ने और धार्मिक कार्यों के लिए जुटाए जाने वाले चंदे में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे को जनता के सामने रखना उनका मकसद है।

उन्होंने राम जन्मभूमि के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई, लेकिन बड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं की गई। उन्होंने मांग की कि चंदे से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि यात्रा के माध्यम से वोट चोरी और नोट चोरी के मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं। यात्रा के दौरान पर्चे बांटने और राष्ट्रपति के नाम रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात भी कही गई है। उनके मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य किसी के खिलाफ राजनीतिक इस्तेमाल करना नहीं, बल्कि लोगों के सामने अपनी बात रखना और न्याय की मांग करना है।

अमृता राय बोलीं- सनातनियों के स्वाभिमान को पहुंची ठेस

दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय ने यात्रा को हर धर्म के व्यक्ति के स्वाभिमान को जगाने वाला अभियान बताया। उनके मुताबिक, चढ़ावे की चोरी और धर्म के नाम पर धोखाधड़ी से सनातन धर्म को मानने वाले लोगों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचती है। यात्रा के जरिए इन्हीं मुद्दों को उठाया जा रहा है।

दिग्विजय सिंह ने बताया कि उनकी अनुपस्थिति में यात्रा से जुड़े संवाद की जिम्मेदारी अमृता राय संभालेंगी। उन्होंने अमृता राय को अपना प्रवक्ता और योगेंद्र परिहार को अपनी अनुपस्थिति में सह-प्रवक्ता बताया है।

यात्रा में शामिल होने के लिए 3 हजार लोगों का रजिस्ट्रेशन

यात्रा प्रभारी चंदर सिंह सोंधिया के मुताबिक, यात्रा में स्थायी रूप से शामिल होने के लिए अब तक करीब 3 हजार लोगों ने पंजीयन कराया है। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर हजारों लोग यात्रा से जुड़ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि यात्रा के माध्यम से सनातन की सही व्याख्या और भगवान के प्रति समर्पण का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। बुधवार को यात्रा पिंगलेश्वर जोड़, नहारिया जोड़, सायराखेड़ी और देवनखेड़ी होते हुए ताजपुर जोड़ पहुंचने वाली थी। यहां भोजन और विश्राम के बाद यात्रा आगे बढ़नी थी। शाम को देवास जिले के सिंदूरिया गांव में पड़ाव प्रस्तावित था।

 भाजपा सांसद अनिल फिरोजिया ने यात्रा को बताया राजनीतिक नौटंकी

दिग्विजय सिंह की यात्रा पर उज्जैन से भाजपा सांसद अनिल फिरोजिया ने सवाल उठाए। उन्होंने इसे राजनीतिक नौटंकी बताते हुए आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह अपने बेटे की राजनीति चमकाने के लिए यात्रा निकाल रहे हैं।फिरोजिया ने यात्रा में भगवा ध्वज दिखाई नहीं देने का मुद्दा उठाया। उन्होंने तिरंगे का जिक्र करते हुए कहा कि यह देश का मान, सम्मान और अभिमान है तथा लाखों क्रांतिकारियों ने इसके लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। भाजपा सांसद ने दिग्विजय सिंह को राजनेता बताते हुए कहा कि कांग्रेस के लोग भी उनके साथ नहीं हैं। उन्होंने कांग्रेस के पुराने रुख का उल्लेख करते हुए राम सेतु और भगवान राम से जुड़े मुद्दों पर भी निशाना साधा।

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