पीएम मोदी की अपील- त्योहारों पर स्थानीय कारीगरों से खरीदें सामान, ‘मन की बात’ के 12 साल पूरे

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 139वें एपिसोड में देशवासियों से त्योहारों पर स्थानीय कारीगरों और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब हम स्थानीय कारीगरों के बनाए उत्पाद खरीदते हैं, तो इससे उनका उत्साह बढ़ता है और उनकी आजीविका को मजबूती मिलती है। पीएम ने भारतीय उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग का जिक्र करते हुए बताया कि बिहार के पूर्णिया का मखाना ग्रीस पहुंच रहा है, जबकि कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल मालदीव तक पहुंच रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय उत्पादों की विदेशों में बढ़ती मांग किसानों और स्थानीय उत्पादकों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। त्योहारों के दौरान खरीदारी करते समय लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उनके खर्च से स्थानीय कारीगरों, छोटे कारोबारियों और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिले।

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ के 12 वर्ष पूरे होने पर अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि 12 साल पहले विजयादशमी के पावन अवसर पर इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी। उनके लिए यह यात्रा देशवासियों को करीब से जानने और समझने की तीर्थयात्रा के समान रही है।

खादी उत्पादों की बिक्री एक दिन में 28 करोड़ रुपये के पार

प्रधानमंत्री ने खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए बताया कि गांधी जयंती के अवसर पर एक ही दिन में खादी ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 28 करोड़ रुपये से अधिक रही। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये ज्यादा था। उन्होंने इसे देशवासियों के बीच स्वदेशी उत्पादों के प्रति बढ़ते रुझान का उदाहरण बताया।

स्वतंत्रता सेनानी भाई परमानंद की 150वीं जयंती का जिक्र

पीएम मोदी ने महान स्वतंत्रता सेनानी भाई परमानंद को याद करते हुए बताया कि 4 नवंबर को उनकी 150वीं जयंती मनाई जाएगी। भाई परमानंद आर्य समाज और गदर पार्टी से जुड़े रहे तथा देश की आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका और गुयाना में भी कार्य किया था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्हें काला पानी की सजा भी भुगतनी पड़ी थी। प्रधानमंत्री ने उनके योगदान और भगत सिंह को पढ़ाने से जुड़े प्रसंग का भी उल्लेख किया।

मध्य प्रदेश की शिवानी के अंगदान की सराहना

प्रधानमंत्री ने अंगदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम की शिवानी का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि शिवानी सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थीं, लेकिन ऐसी कठिन परिस्थिति में भी उनके परिवार ने अंगदान का निर्णय लिया। पीएम ने कहा कि इस फैसले से समाज में एक बड़ा संदेश गया है। अंगदान के जरिए किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने की भावना मानवता की मिसाल है।

देशभर में करीब 1.90 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर

स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले डॉक्टर को दिखाने और जांच कराने में लोगों का काफी समय लग जाता था। अब देशभर में लगभग 1 लाख 90 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से लोगों को उनके नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

पंजाब में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की पहल

प्रधानमंत्री ने पंजाब में ‘खेती विरासत मिशन’ नामक संस्था की पहल का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह संस्था जैविक खेती और पारंपरिक कृषि पद्धतियों को पुनर्जीवित करने की दिशा में काम कर रही है। पंजाब के मालवा क्षेत्र में कपास की प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए ‘नव-त्रिंजन’ नाम से पहल की गई है। इसका उद्देश्य खेती की पारंपरिक विधियों को बढ़ावा देना और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

स्थानीय उत्पादों को अपनाने की अपील

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री की अपील का मुख्य संदेश स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देना रहा। उन्होंने कहा कि त्योहारों पर हम अपने परिवार और प्रियजनों के लिए कई तरह की वस्तुएं खरीदते हैं। ऐसे में यदि स्थानीय कारीगरों और छोटे उत्पादकों के बनाए सामान को प्राथमिकता दी जाए, तो इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और भारतीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहुंच का उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्णिया का मखाना और कलबुर्गी की अरहर दाल जैसे उत्पाद देश के किसानों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई संभावनाएं खोल रहे हैं।

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