दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। दीपावली के त्योहार को देखते हुए जबलपुर पुलिस ने जुआरियों, सटोरियों और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्ती की तैयारी शुरू कर दी है। त्योहारी सीजन में जुआ खेलने और खिलाने की गतिविधियों में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए पुलिस ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक निगरानी बढ़ाने की रणनीति बनाई है। जिले के सभी संभाग प्रभारियों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जुआ-सट्टे की गतिविधियों पर नजर रखने और पुराने मामलों की समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि दीपावली के बाद जुआ से जुड़े मामलों की समीक्षा स्वयं करेंगे। यदि जिले में कहीं भी संगठित रूप से जुआफड़ संचालित होने की जानकारी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई की तैयारी के तहत थाना प्रभारी अब पुराने नामजद जुआरियों और सटोरियों का रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। पूर्व में जुआ-सट्टा गतिविधियों में पकड़े गए लोगों, उनके खिलाफ दर्ज मामलों और उनकी मौजूदा गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान करना है, जो त्योहार के दौरान सक्रिय होकर जुआफड़ संचालित करने या जुआ खिलाने की कोशिश कर सकते हैं।
थाना स्तर पर पुराने प्रकरणों की जानकारी जुटाने के साथ ही उन स्थानों पर भी नजर रखी जा रही है, जहां पहले जुआ खेलने या खिलाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। संबंधित थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुसार निगरानी रखने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि दीपावली की आड़ में अवैध जुआ गतिविधियों को बढ़ावा न मिले।
दीपावली के बाद एसपी करेंगे मामलों की समीक्षा
इस बार पुलिस की रणनीति में केवल कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि कार्रवाई की नियमित समीक्षा करना भी शामिल है। पुलिस अधीक्षक दीपावली के बाद जिले में जुआ से जुड़े मामलों की समीक्षा करेंगे। इस दौरान यह देखा जाएगा कि किन थाना क्षेत्रों में जुआ-सट्टे की शिकायतें सामने आईं, कहां कार्रवाई की गई और किन क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी की आवश्यकता है।
अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी क्षेत्र में संगठित रूप से जुआफड़ चलने की जानकारी मिलती है, तो उसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे मामलों में संबंधित थाना और संभाग स्तर के अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी। पुलिस का जोर इस बात पर है कि कार्रवाई केवल शिकायत मिलने के बाद तक सीमित न रहे, बल्कि संभावित गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जाए।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक निगरानी बढ़ी
जबलपुर जिले में पुलिस की निगरानी शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में बढ़ाई जा रही है। ग्रामीण इलाकों में गोसलपुर, मझौली, सिहोरा, मझगवां, बरेला, बरगी, पाटन और बेलखेड़ा जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान रखने की बात सामने आई है। वहीं, शहर में ओमती, बेलबाग, घमापुर, हनुमानताल, गढ़ा, विजयनगर, माढ़ोताल, रांझी, अधारताल और गोरखपुर थाना क्षेत्रों में जुआ-सट्टे से संबंधित गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
इन क्षेत्रों का उल्लेख पूर्व में जुआ गतिविधियों को लेकर सामने आने वाली शिकायतों और पुलिस की निगरानी के संदर्भ में किया जाता रहा है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि इन सभी क्षेत्रों में वर्तमान में जुआफड़ संचालित हो रहे हैं। पुलिस की प्राथमिकता शिकायतों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना तथा पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई करना है।
क्राइम ब्रांच और मुखबिर तंत्र भी रहेगा सक्रिय
जुआ-सट्टे के खिलाफ कार्रवाई में थाना पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच और मुखबिर तंत्र की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। पुलिस को ऐसे स्थानों की जानकारी जुटाने के लिए सतर्क किया गया है, जहां चोरी-छिपे जुआ खिलाए जाने की आशंका हो सकती है। सूचना मिलने पर संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई की जा सकती है। त्योहार के दौरान बड़ी रकम के दांव लगाए जाने की आशंका के मद्देनजर पुलिस की नजर उन लोगों पर भी रहेगी, जिनके खिलाफ पहले जुआ-सट्टे से जुड़े मामले दर्ज हो चुके हैं। पुलिस पुराने रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कौन लोग दोबारा ऐसी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर मिलने वाली शिकायतों और सूचनाओं को भी गंभीरता से लेने की तैयारी है।
सट्टा-पट्टी और अवैध शराब का कारोबार भी निशाने पर
पुलिस की निगरानी केवल जुआफड़ों तक सीमित नहीं रहेगी। सट्टा-पट्टी लिखने वालों और अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों पर भी नजर रखी जाएगी। पुलिस ऐसे लोगों की जानकारी जुटा रही है, जिनके खिलाफ पूर्व में इन गतिविधियों से जुड़े प्रकरण दर्ज हुए हैं या जिनकी भूमिका को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।
त्योहारी सीजन में अवैध कारोबार के जरिए आर्थिक लाभ कमाने की कोशिशों को रोकने के लिए पुलिस अलग-अलग थाना क्षेत्रों में उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई कर सकती है। आवश्यकता पड़ने पर क्राइम ब्रांच की टीम भी संबंधित थाना पुलिस के साथ मिलकर काम करेगी। शुरुआती चरण में जुआरियों और अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई की तैयारी के तहत थाना प्रभारी अब पुराने नामजद जुआरियों और सटोरियों का रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। पूर्व में जुआ-सट्टा गतिविधियों में पकड़े गए लोगों, उनके खिलाफ दर्ज मामलों और उनकी मौजूदा गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान करना है, जो त्योहार के दौरान सक्रिय होकर जुआफड़ संचालित करने या जुआ खिलाने की कोशिश कर सकते हैं।
थाना स्तर पर पुराने प्रकरणों की जानकारी जुटाने के साथ ही उन स्थानों पर भी नजर रखी जा रही है, जहां पहले जुआ खेलने या खिलाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। संबंधित थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुसार निगरानी रखने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि दीपावली की आड़ में अवैध जुआ गतिविधियों को बढ़ावा न मिले।
दीपावली के बाद एसपी करेंगे मामलों की समीक्षा
इस बार पुलिस की रणनीति में केवल कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि कार्रवाई की नियमित समीक्षा करना भी शामिल है। पुलिस अधीक्षक दीपावली के बाद जिले में जुआ से जुड़े मामलों की समीक्षा करेंगे। इस दौरान यह देखा जाएगा कि किन थाना क्षेत्रों में जुआ-सट्टे की शिकायतें सामने आईं, कहां कार्रवाई की गई और किन क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी की आवश्यकता है।
अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी क्षेत्र में संगठित रूप से जुआफड़ चलने की जानकारी मिलती है, तो उसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे मामलों में संबंधित थाना और संभाग स्तर के अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी। पुलिस का जोर इस बात पर है कि कार्रवाई केवल शिकायत मिलने के बाद तक सीमित न रहे, बल्कि संभावित गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जाए।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक निगरानी बढ़ी
जबलपुर जिले में पुलिस की निगरानी शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में बढ़ाई जा रही है। ग्रामीण इलाकों में गोसलपुर, मझौली, सिहोरा, मझगवां, बरेला, बरगी, पाटन और बेलखेड़ा जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान रखने की बात सामने आई है। वहीं, शहर में ओमती, बेलबाग, घमापुर, हनुमानताल, गढ़ा, विजयनगर, माढ़ोताल, रांझी, अधारताल और गोरखपुर थाना क्षेत्रों में जुआ-सट्टे से संबंधित गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
इन क्षेत्रों का उल्लेख पूर्व में जुआ गतिविधियों को लेकर सामने आने वाली शिकायतों और पुलिस की निगरानी के संदर्भ में किया जाता रहा है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि इन सभी क्षेत्रों में वर्तमान में जुआफड़ संचालित हो रहे हैं। पुलिस की प्राथमिकता शिकायतों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना तथा पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई करना है।
क्राइम ब्रांच और मुखबिर तंत्र भी रहेगा सक्रिय
जुआ-सट्टे के खिलाफ कार्रवाई में थाना पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच और मुखबिर तंत्र की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। पुलिस को ऐसे स्थानों की जानकारी जुटाने के लिए सतर्क किया गया है, जहां चोरी-छिपे जुआ खिलाए जाने की आशंका हो सकती है। सूचना मिलने पर संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई की जा सकती है। त्योहार के दौरान बड़ी रकम के दांव लगाए जाने की आशंका के मद्देनजर पुलिस की नजर उन लोगों पर भी रहेगी, जिनके खिलाफ पहले जुआ-सट्टे से जुड़े मामले दर्ज हो चुके हैं। पुलिस पुराने रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कौन लोग दोबारा ऐसी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर मिलने वाली शिकायतों और सूचनाओं को भी गंभीरता से लेने की तैयारी है।
सट्टा-पट्टी और अवैध शराब का कारोबार भी निशाने पर
पुलिस की निगरानी केवल जुआफड़ों तक सीमित नहीं रहेगी। सट्टा-पट्टी लिखने वालों और अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों पर भी नजर रखी जाएगी। पुलिस ऐसे लोगों की जानकारी जुटा रही है, जिनके खिलाफ पूर्व में इन गतिविधियों से जुड़े प्रकरण दर्ज हुए हैं या जिनकी भूमिका को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।
त्योहारी सीजन में अवैध कारोबार के जरिए आर्थिक लाभ कमाने की कोशिशों को रोकने के लिए पुलिस अलग-अलग थाना क्षेत्रों में उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई कर सकती है। आवश्यकता पड़ने पर क्राइम ब्रांच की टीम भी संबंधित थाना पुलिस के साथ मिलकर काम करेगी। शुरुआती चरण में जुआरियों और अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।
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