दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण में क्रीमी लेयर को शामिल करने के फैसले के विरोध में भीम आर्मी द्वारा बुलाए गए भारत बंद का जबलपुर में असर दिखाई नहीं दिया। इस बंद का समर्थन कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और अन्य दलों के नेताओं ने किया था, लेकिन शहर में जनजीवन सामान्य बना रहा।
बंद के दौरान, अंबेडकर चौक पर भीम आर्मी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण किया और इसके बाद जबलपुर बंद करने के उद्देश्य से रैली निकाली। रैली के दौरान कुछ दुकानों को अस्थायी रूप से बंद किया गया, लेकिन रैली के आगे बढ़ने के साथ ही वे पुनः खुल गईं।
बंद का आह्वान करने वाले संगठनों की मांगें:
भीम आर्मी के साथ कांग्रेस के विधायक लखन घनघोरिया, कांग्रेस नगर अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा और अन्य संगठनों ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार आरक्षण को खत्म करने के प्रयास कर रही है और इसके लिए अब वह कोर्ट का सहारा ले रही है। उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए, अन्यथा वे आगे चलकर सड़क पर बड़े आंदोलन करेंगे।
रैली में पूर्व नगर निगम नेता प्रतिपक्ष राजेश सोनकर, पूर्व पार्षद रुक्मणी गोटिया, कम्युनिस्ट पार्टी के राजेंद्र गुप्ता, प्रीतम चौधरी, और इंजीनियरिंग कॉलेज संगठन के अखिलेश एवं विजय अहिरवार के साथ सैकड़ों लोग शामिल थे।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था:
भारत बंद को देखते हुए, जबलपुर में हर चौराहे और बाजारों में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
