दैनिक सांध्य बन्धु कटनी। मध्य प्रदेश में लगातार हो रहे रेल हादसों ने एक बार फिर रेलवे की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार शाम 5 बजे कटनी-बीना रेलखंड पर असलाना पथरिया स्टेशन के समीप जीटीपीएस मालगाड़ी के 7 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे दोनों अप-डाउन ट्रैक पर यातायात बाधित हो गया। इस हादसे के बाद रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही ठप हो गई और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
हादसे के बाद रेल यातायात प्रभावित
हादसे के कारण कटनी-बीना रेलखंड पर एक दर्जन से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुईं। कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया, कुछ को रद्द किया गया और कुछ को बीच रास्ते से वापस लौटा दिया गया। यात्रियों को राहत प्रदान करने के लिए रेस्क्यू टीम को कटनी से पथरिया के लिए रवाना किया गया। इस टीम में 70-80 अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे, जिनके साथ 140 टन की क्रेन भी भेजी गई।
यात्रियों को हुआ भारी असुविधा का सामना
रेलवे द्वारा लिए गए कुछ निर्णयों के कारण यात्रियों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा। जैसे कि दयोदय एक्सप्रेस और मध्यप्रदेश संपर्क क्रांति को कटनी-सतना के बजाय जबलपुर-इटारसी से चलाया गया, जिससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतें आईं। त्योहार के समय इन गलत निर्णयों ने यात्रियों की समस्याओं को और बढ़ा दिया।
प्रभावित ट्रेनें और उनके रूट में बदलाव
- सिंगरौली निजामुद्दीन (22167): घटना के समय दमोह पर खड़ी थी, वापस लौटाकर कटनी-सतना-झांसी के रास्ते भेजी गई।
- *जबलपुर-निजामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस (22181): घटना के समय बांदकपुर में थी, इसे भी कटनी-सतना होते हुए झांसी ले जाया गया।
- रानी कमलापति-संतराकाछी (22169): सागर में खड़ी थी, इसे झांसी से सतना होते हुए कटनी लाया गया।
इसके अलावा, उत्कल एक्सप्रेस, मप्र संपर्क क्रांति, दयोदय एक्सप्रेस, और अन्य कई ट्रेनें भी इस हादसे से प्रभावित हुईं, जिनमें से कुछ को रद्द कर दिया गया और कुछ का मार्ग बदल दिया गया। रेलवे द्वारा जारी किए गए निर्णयों की वजह से यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।
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