दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। जबलपुर में एक बार फिर धार्मिक अतिक्रमण का मामला सामने आया है। ग्वारीघाट रोड स्थित प्राचीन बादशाह हलवाई मंदिर की बावड़ी पर एक समुदाय विशेष द्वारा अतिक्रमण का आरोप लगाया गया है। हिंदू सेवा परिषद का आरोप है कि मंदिर परिसर की बावड़ी पर कब्जा कर, वहां मजार बनाकर उर्स का आयोजन किया जा रहा है, जबकि यह स्थान पुरातत्व विभाग के अधीन और सनातन धर्म के अनुयायियों का है।
हिंदू सेवा परिषद के प्रमुख अतुल जैसवानी ने बताया कि प्राचीन बावड़ी में नंदी गाय, शिवलिंग, श्री यंत्र, त्रिशूल एवं गणेश जी की प्रतिमाएं मौजूद हैं, जो इस स्थान के धार्मिक महत्व को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि एक समुदाय विशेष के लोगों ने इन प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर, बावड़ी में हरे रंग की पोताई कर दी है और अतिक्रमण कर लिया है। यहां लगभग 8-10 वर्षों से उर्स का आयोजन किया जा रहा है, जो हिंदू अनुयायियों के लिए आपत्तिजनक है।
हिंदू सेवा परिषद ने जिला प्रशासन से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि इस स्थान को 30 दिनों के भीतर अतिक्रमण मुक्त किया जाए। साथ ही, परिषद ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया तो वे आगे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
