2000 करोड़ का एसटी घोटाला उजागर
विधानसभा चुनाव से पहले परिवहन निगम ने 1310 बसों को लीज पर देने के लिए टेंडर दाखिल किया था। एसटी बसों को पट्टे पर लेने और बसों को मंडलवार लेने की प्रचलित पद्धति को तोड़ने के बजाय, मंडल को तीन समूहों में विभाजित करने और प्रत्येक समूह में 400 से 450 के साथ 1310 बसों को किराए पर लेने का निर्णय लिया गया। इस पर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा है कि उन्हें नहीं पता कि मुख्यमंत्री ने क्या फैसला लिया है। निगम में गलत चीजें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। यात्रियों के हित और हित में निर्णय हमारी प्राथमिकता होगी।
परिवहन मंडल को 2000 करोड़ की चपत लगेगी
यह बात सामने आने के बाद कि राज्य परिवहन निगम ने सरकार को अंधेरे में रखकर 1310 बसें लीज पर लेने का फैसला लिया है, इस सौदे में परिवहन मंडल को दो हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है। चूंकि टेंडर प्रक्रिया के दौरान इन बसों को सात साल के लिए लीज पर देने का निर्णय लिया गया था, इसलिए निगम को लगभग 2000 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ेगा। तकनीकी योग्यता टेंडर आचार संहिता का उल्लंघन होने की बात सामने आयी है। अब कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने इस फैसले पर स्टे दे दिया है।
