हज 2026 की नई गाइडलाइन जारी: बुज़ुर्गों, गंभीर रोगियों और 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सख्त नियम लागू

दैनिक सांध्य बन्धु नई दिल्ली। हज 2026 की तैयारी शुरू हो गई है और इसी क्रम में केंद्रीय हज कमेटी मुंबई ने आगामी यात्रा को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। इस बार नियमों में कुछ ऐसे अहम बदलाव किए गए हैं, जो हजारों इच्छुक यात्रियों को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे।


अब कोई भी मुसलमान दोबारा हज नहीं कर सकेगा, यानी जिन्होंने एक बार हज कर लिया है, वे दोबारा इस मुकद्दस फर्ज़ को अदा नहीं कर पाएंगे। हज कमेटी का यह फैसला भीड़ प्रबंधन और सीमित सीटों को देखते हुए लिया गया है।

बुज़ुर्गों के लिए सख्ती

65 वर्ष या उससे अधिक आयु के श्रद्धालु अब अकेले हज यात्रा नहीं कर सकेंगे। उन्हें एक ऐसा सहयोगी साथ ले जाना अनिवार्य होगा जिसकी उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच हो। यहां तक कि अगर कोई बुज़ुर्ग दंपती हज पर जाना चाहता है, तो दोनों के लिए अलग-अलग सहयोगी अनिवार्य होंगे।

महिलाओं के लिए संशोधित दिशा-निर्देश

65 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं, जो बिना महरम यात्रा करना चाहती हैं, उन्हें 45 से 60 वर्ष की महिला सहयोगी के साथ ही यात्रा की अनुमति होगी। हालांकि, 45 साल से अधिक आयु की महिलाएं आपस में चार सदस्यीय समूह बनाकर भी हज पर जा सकेंगी।

इन श्रेणियों के आवेदन होंगे अस्वीकृत

कमेटी ने साफ किया है कि कुछ विशेष चिकित्सा स्थितियों वाले लोगों को हज की अनुमति नहीं मिलेगी। इनमें शामिल हैं:

  • कैंसर

  • टीबी

  • गंभीर श्वास रोग

  • गुर्दा संबंधित बीमारियां

  • कोई भी संक्रामक रोग

इसके अतिरिक्त, 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को भी इस बार हज यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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