दैनिक सांध्य बन्धु ग्वालियर। ग्वालियर में क्राइम ब्रांच ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले दो फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटरों का पर्दाफाश किया है। इन कॉल सेंटरों के जरिए कुंवारे युवकों को मॉडलिंग करने वाली युवतियों की फर्जी तस्वीरें दिखाकर शादी का झांसा दिया जाता था और फिर क्यूआर कोड के माध्यम से लाखों रुपये ठग लिए जाते थे।
क्राइम ब्रांच ने थाटीपुर थाना क्षेत्र के मयूर नगर और ज्योतिनगर में एक साथ कार्रवाई करते हुए कुल 20 युवतियों को हिरासत में लिया है। इनमें से दो युवतियां कॉल सेंटर का संचालन कर रही थीं, जबकि पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड तिलेश्वर उर्फ दिनेश पटेल फिलहाल फरार है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट के नाम से युवकों का रजिस्ट्रेशन कराते थे। इसके बाद उन्हें मॉडलिंग गर्ल्स की तस्वीरें भेजकर “परफेक्ट मैच” का भरोसा दिलाया जाता था। कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियां उन्हीं तस्वीरों वाली लड़कियों के नाम से युवकों से बात करतीं, भावनात्मक रूप से भरोसा जीततीं और फिर अलग-अलग बहानों से क्यूआर कोड भेजकर पैसे ट्रांसफर करा लेती थीं। रकम मिलते ही मोबाइल नंबर बंद कर संपर्क तोड़ दिया जाता था।
मयूर नगर से 13 युवतियां पकड़ी गईं
पहली कार्रवाई मयूर नगर में मयूर प्लाजा के पीछे स्थित एक मकान की पहली मंजिल पर की गई, जहां फर्जी कॉल सेंटर संचालित हो रहा था। यहां से लैपटॉप, कंप्यूटर, रजिस्टर और मोबाइल फोन बरामद किए गए। मौके से 12 युवतियां और कॉल सेंटर की संचालक राखी गौड़ को हिरासत में लिया गया।
ज्योतिनगर से दूसरा कॉल सेंटर उजागर
पहले कॉल सेंटर के खुलासे के बाद पुलिस ने ज्योतिनगर में द्वारिकाधीश मंदिर के सामने स्थित एक फ्लैट में दबिश दी। यहां से 7 युवतियों को पकड़ा गया। इस सेंटर का संचालन सीता उर्फ शीतल चौहान कर रही थी।
डेढ़ करोड़ की ठगी का अनुमान
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों कॉल सेंटरों के जरिए अब तक करीब 1500 लोगों से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की जा चुकी है। आरोपियों को केवल की-पैड मोबाइल दिए जाते थे, ताकि सोशल मीडिया या ट्रैकिंग से बचा जा सके। सिम कार्ड भी मास्टरमाइंड और संचालकों के नाम पर ही लिए जाते थे।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और फरार मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी हुई है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि ठगी का शिकार बने लोगों की वास्तविक संख्या और कुल रकम कितनी है।
