दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) सागर। सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में डॉक्टरों की टीम ने एक 9 वर्षीय बालक के जबड़े का जटिल और सफल ऑपरेशन कर उसे नई जिंदगी दी है। बच्चा पिछले तीन वर्षों से मुंह नहीं खोल पा रहा था और केवल लिक्विड डाइट पर ही जीवित था। डेंटल और एनेस्थीसिया विभाग की संयुक्त टीम ने टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट एंकिलोसिस (TMJ Ankylosis) जैसी गंभीर बीमारी का सफल इलाज किया।
परिजनों द्वारा बालक को बीएमसी में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान 3D सीटी स्कैन में जबड़े की हड्डियों का आपस में जुड़ जाना पाया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने सर्जरी का निर्णय लिया। ऑपरेशन के बाद बच्चा 30 मिमी से अधिक मुंह खोलने में सक्षम हो गया है।
बेहोश करना था बड़ी चुनौती, विशेष तकनीक अपनाई
बालक का मुंह पूरी तरह बंद होने के कारण सामान्य तरीके से एनेस्थीसिया देना संभव नहीं था। डॉ. शशि वाला के नेतृत्व में एनेस्थीसिया टीम ने नेजल फाइबर-ऑप्टिक इंट्यूबेशन तकनीक का उपयोग कर सुरक्षित रूप से बेहोशी की प्रक्रिया पूरी की।
आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट
सर्जरी के बाद डॉ. सर्वेश जैन की देखरेख में बच्चे को आईसीयू में रखा गया। हालत में सुधार के बाद उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
डीन बोले- फिजियोथेरेपी से और होगा सुधार
बीएमसी डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने बताया कि ऑपरेशन के तुरंत बाद अपेक्षित परिणाम मिले हैं। अब नियमित फिजियोथेरेपी से बच्चे की स्थिति और बेहतर होगी। मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने कहा कि इस सफल सर्जरी के बाद बच्चा अब तरल आहार की मजबूरी से बाहर निकलकर सामान्य भोजन कर सकेगा और स्पष्ट रूप से बोल भी पाएगा।
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