दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। सुहागी क्षेत्र में रविवार को उस समय भारी तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, जब एक मकान में आयोजित प्रार्थना सभा के दौरान कथित रूप से धर्म परिवर्तन कराए जाने की सूचना क्षेत्र में फैल गई। इस खबर के सामने आते ही बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर एकत्र हो गए और उन्होंने जोरदार विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
माहौल को बिगड़ता देख तत्काल भारी पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मौके से तीन संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है।
सूचना मिलते ही मौके पर उमड़ी भारी भीड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्षेत्र के एक निजी मकान में हर रविवार की तरह इस बार भी सामूहिक प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था। इसी दौरान कुछ लोगों को वहां संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की भनक लगी। देखते ही देखते यह खबर पूरे सुहागी क्षेत्र में आग की तरह फैल गई कि प्रार्थना सभा की आड़ में अवैध रूप से धर्मांतरण का खेल चल रहा है। इस सूचना के बाद आक्रोशित लोगों और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घेराव कर दिया और जमकर नारेबाजी की।
प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन का प्रयास
घटनास्थल पर पहुंचे हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि इस सभा में गरीब और भोले-भले लोगों को निशाना बनाया जा रहा था। उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा और विभिन्न प्रकार के आर्थिक प्रलोभन देकर सनातन धर्म छोड़कर दूसरा धर्म अपनाने के लिए प्रेरित और विवश किया जा रहा था। संगठनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्षता से जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन आरोपों की आधिकारिक और कानूनी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, दस्तावेज और सामग्री जब्त
हंगामे और दोनों पक्षों के बीच बढ़ती तीखी नोकझोंक को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल ने तुरंत मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से तीन लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें थाने पहुंचाया, जहां बंद कमरे में उनसे पूछताछ की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने घटनास्थल से कुछ धार्मिक साहित्य, दस्तावेज और प्रार्थनाओं से जुड़े रजिस्टर भी अपने कब्जे में लिए हैं। जांच एजेंसियां और खुफिया विभाग अब इन दस्तावेजों को खंगाल रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस सभा का वास्तविक उद्देश्य क्या था और इसके पीछे किसी प्रकार की फंडिंग या बड़ा रैकेट तो काम नहीं कर रहा था।
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