दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। थाना विजयनगर क्षेत्र के अंतर्गत सोशल मीडिया विज्ञापन के जरिए फ्रेंचाइजी देने के नाम पर एक महिला कारोबारी से 1 लाख 34 हजार 400 रुपये की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर बेंगलुरु की एक कथित कंपनी के तीन जालसाजों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामला जांच में लिया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुरानी जगदम्बा कॉलोनी, विजयनगर निवासी 36 वर्षीय श्रीमती पूजा दुबे ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह अपने पति के साथ दीक्षितपुरा में टू-व्हीलर सर्विस सेंटर संचालित करती हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर बेंगलुरु की 'वॉल्मों पासनियर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी का एक विज्ञापन देखा था, जिसमें फ्रेंचाइजी देने का दावा किया गया था। विज्ञापन से प्रभावित होकर पीड़िता ने 28 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन आवेदन कर दिया। इसके बाद उनकी मोबाइल पर शिवांकर जैन, सिद्धार्थ और पुनीत जैन नामक व्यक्तियों से बातचीत शुरू हुई। आरोपियों के झांसे में आकर पीड़िता ने पहले रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरकर बेंगलुरु के पते पर मेल किया और फिर 2 मई 2026 को अपने कोटक महिंद्रा बैंक खाते से 15,200 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद जालसाजों ने आवेदन मंजूर होने का झांसा देकर सिक्योरिटी राशि के रूप में 58,800 रुपये और मांगे। इस पर पीड़िता ने 4 मई को अपने आईडीबीआई (IDBI) बैंक खाते से 40,000 रुपये और अगले दिन 5 मई को यूनियन बैंक के खाते से 58,800 रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। आरोपियों की मांग यहीं नहीं रुकी; उन्होंने बेंगलुरु से जबलपुर सामान भेजने के लिए ट्रांसपोर्ट और टोल टैक्स के नाम पर 20,400 रुपये की और मांग की, जिसे पीड़िता ने अपने आईडीबीआई बैंक खाते से भेज दिया।
इसके अगले दिन जब आरोपियों ने एनओसी (NOC) के नाम पर 5,950 रुपये और ट्रांसफर करने को कहा, तो पीड़िता को शक हुआ और उन्होंने सामान आने के बाद ही यह राशि देने की बात कही। इसके बाद 8 मई 2026 की शाम से आरोपियों ने पीड़िता का फोन उठाना बंद कर दिया और संपर्क तोड़ लिया। फ्रेंचाइजी और सामान का भरोसा देकर कुल 1,34,400 रुपये हड़पने और ठगे जाने का अहसास होने पर पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। विजयनगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2) और 308(1) के तहत मामला दर्ज कर मोबाइल नंबरों व बैंक खातों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
