दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। जिले में बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के भूमि का विकास कर भूखंडों की बिक्री करने और शासन को विकास अनुमति शुल्क की हानि पहुंचाने के मामले में प्रशासन और पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। अधारताल थाना पुलिस ने तहसीलदार के प्रतिवेदन के आधार पर दो व्यक्तियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
तहसीलदार ने कलेक्टर न्यायालय के निर्देश पर सौंपा प्रतिवेदन
अधारताल थाना में 3 जून 2026 को तहसीलदार गौरव पाण्डेय द्वारा कलेक्टर एवं सक्षम प्राधिकारी जिला जबलपुर के न्यायालय की ओर से एक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। प्रतिवेदन में बताया गया कि 831 पतंग वाली गली ढडगर मोहल्ला थाना गोहलपुर के निवासी मोहम्मद मजहर उस्मानी पिता शेख मुन्ना और बस्ती नंबर 2 थाना गोहलपुर निवासी विष्णु कुशवाहा द्वारा ग्राम पिपरिया बनियाखेड़ा स्थित भूमि पर नियमों का उल्लंघन करते हुए विकास कार्य कर भूखंडों का विक्रय किया गया है।
प्रतिवेदन के अनुसार संबंधित भूमि तहसील पनागर अंतर्गत स्थित है, जिसमें खसरा क्रमांक 291/1/1 रकबा 1.697 हेक्टेयर तथा खसरा क्रमांक 291/1/2 रकबा 0.093 हेक्टेयर शामिल है। दोनों खसरों का कुल क्षेत्रफल 1.790 हेक्टेयर है।
बिना अनुमति कराए गए विकास कार्य
जांच में पाया गया कि संबंधित भूमि पर सक्षम प्राधिकारी से विकास अनुमति प्राप्त किए बिना पक्की सड़क और पक्की नालियों का निर्माण कराया गया। इसके बाद भूमि को छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजित कर विक्रय किया गया। नियमानुसार किसी भी कृषि अथवा अन्य भूमि को आवासीय अथवा व्यावसायिक उपयोग के लिए विकसित करने से पहले सक्षम प्राधिकारी से विकास अनुमति लेना आवश्यक होता है।
प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति भूमि का विकास और प्लॉटिंग किए जाने से शासन को मिलने वाले विकास अनुमति शुल्क का नुकसान हुआ है, जिससे राजस्व को आर्थिक क्षति पहुंची है।
शासन को हुई राजस्व हानि
प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। यदि नियमानुसार विकास अनुमति प्राप्त की जाती तो शासन को निर्धारित शुल्क प्राप्त होता। नियमों की अनदेखी कर सीधे भूखंडों का निर्माण और विक्रय करने से शासन को आर्थिक हानि हुई है।
प्रशासन ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया।
दोनों आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध
प्राप्त प्रतिवेदन और प्रारंभिक जांच के आधार पर अधारताल थाना पुलिस ने मोहम्मद मजहर उस्मानी निवासी पतंग वाली गली, ढडगर मोहल्ला, थाना गोहलपुर तथा विष्णु कुशवाहा निवासी बस्ती क्रमांक-2, थाना गोहलपुर के विरुद्ध मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 61(3) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
पुलिस ने मामले को विवेचना में लेकर दस्तावेजों और भूमि विकास से संबंधित अभिलेखों की जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कितने भूखंडों का विक्रय किया गया और शासन को वास्तविक रूप से कितनी राजस्व हानि हुई है।
कांग्रेस नेता का नाम आने से राजनीतिक चर्चाएं तेज
मामले में नामजद मजहर उस्मानी को स्थानीय स्तर पर कांग्रेस से जुड़ा नेता बताया जा रहा है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि इस मामले में कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अवैध प्लॉटिंग पर प्रशासन की सख्ती
जिले में लगातार अवैध कॉलोनियों और बिना अनुमति की जा रही प्लॉटिंग के मामलों को लेकर प्रशासन सतर्क है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों को दरकिनार कर भूमि विकास करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी भूखंड या प्लॉट की खरीदारी से पहले उसकी वैधानिक स्थिति और संबंधित अनुमतियों की जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े।
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