दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए मुकाबला रोचक हो गया है। भाजपा ने मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को अपना तीसरा उम्मीदवार घोषित किया है। उनका मुकाबला कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन से होगा। दोनों उम्मीदवार सोमवार को भोपाल में अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
सीएम हाउस में हुई बैठक
भाजपा के तीसरे उम्मीदवार के चयन को लेकर रविवार शाम मुख्यमंत्री निवास पर करीब एक घंटे तक बैठक चली। बैठक में चुनावी रणनीति और नामांकन प्रक्रिया पर चर्चा की गई। इसके बाद महेश केवट के नाम पर अंतिम मुहर लगी। भाजपा के तीसरे उम्मीदवार के मैदान में उतरने के बाद कांग्रेस ने भी अपने विधायकों को एकजुट रखने की तैयारी तेज कर दी है।
शक्ति प्रदर्शन के साथ नामांकन
भाजपा प्रत्याशी महेश केवट दोपहर में भाजपा नेताओं और विधायकों के साथ शक्ति प्रदर्शन करते हुए विधानसभा पहुंचेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।
वहीं कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन भी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पार्टी विधायकों की मौजूदगी में नामांकन दाखिल करेंगी।
कौन हैं महेश केवट?
महेश केवट वर्तमान में मध्य प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हैं और उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है।
जन्म: 28 अगस्त 1973, ओरछा धाम (निवाड़ी)
शिक्षा: गणित विषय से बीएससी
1984 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े
भाजपा में जिला मंत्री, जिला उपाध्यक्ष और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रह चुके हैं
कई विधानसभा और लोकसभा उपचुनावों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालीं
मांझी-केवट समाज के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने में सक्रिय भूमिका निभाई
कांग्रेस की बढ़ी चिंता, विधायकों की बाड़ाबंदी पर मंथन
भाजपा द्वारा तीसरा उम्मीदवार उतारने के बाद कांग्रेस अपने विधायकों को सुरक्षित रखने की रणनीति पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अपने विधायकों को तेलंगाना भेज सकती है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मीनाक्षी नटराजन वर्तमान में तेलंगाना कांग्रेस की प्रभारी भी हैं। ऐसे में उनके नामांकन कार्यक्रम में तेलंगाना और कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
तीसरी सीट का गणित
विधानसभा की स्थिति
प्रभावी विधायक: 228
जीत के लिए आवश्यक वोट: 58
भाजपा की स्थिति
कुल विधायक: 164
दो सीटें जीतने के लिए आवश्यक वोट: 116
शेष वोट: 48
तीसरी सीट जीतने के लिए चाहिए: 10 अतिरिक्त वोट
कांग्रेस की स्थिति
प्रभावी वोट: 63
भारत आदिवासी पार्टी (BAP) का 1 विधायक समर्थन दे तो कुल वोट: 64
जीत के आंकड़े से 6 वोट अधिक
भाजपा के सामने चुनौती
तीसरी सीट जीतने के लिए भाजपा को अपने 48 अतिरिक्त वोटों के अलावा कम से कम 10 और वोटों की जरूरत होगी। इसके लिए पार्टी को विपक्षी खेमे से क्रॉस वोटिंग या अतिरिक्त समर्थन हासिल करना होगा। दूसरी ओर, कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट बनाए रखने पर फोकस कर रही है। ऐसे में मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट का चुनाव राजनीतिक रूप से बेहद दिलचस्प और प्रतिष्ठा का मुकाबला बन गया है।
