दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (आरडीवीवी) में प्रत्येक मंगलवार आयोजित होने वाली जनसुनवाई पिछले कई महीनों से बंद होने के विरोध में मध्य प्रदेश छात्र संघ (MPSU) ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर सात दिन के भीतर व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन में MPSU ने मांग की है कि परीक्षा परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर छात्रों को डिग्री उपलब्ध कराई जाए, क्योंकि वर्तमान में उन्हें महीनों तक इंतजार करना पड़ता है। साथ ही हाल ही में हुई फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग करते हुए कहा गया कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
संगठन ने स्टोर कर्मचारी ओमप्रकाश यादव पर कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनका स्थानांतरण करने, विश्वविद्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने तथा शिक्षकों और छात्रों की मासिक उपस्थिति रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई। इसके अलावा महिला शिकायतों का 15 दिनों के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने और तत्काल जनसुनवाई शुरू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
इस संबंध में कुलसचिव ने आश्वासन दिया कि अगले सप्ताह से सभी संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में नियमित जनसुनवाई पुनः प्रारंभ की जाएगी।
MPSU के अध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने कहा जनसुनवाई बंद करके प्रशासन ने छात्रों से संवाद समाप्त कर दिया है। यदि सात दिन के भीतर हमारी मांगें पूरी नहीं की गईं तो छात्र उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
इस अवसर पर आकाश खरे, कृष्णा तिवारी, हर्षित अवस्थी, नमन शर्मा, यश कनोजिया, अक्षत नेमा, अभिनव सिंह परिहार, सुमिल सिंह, प्रभात तिवारी, हर्षित कनोजिया सहित सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे।
ज्ञापन में MPSU ने मांग की है कि परीक्षा परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर छात्रों को डिग्री उपलब्ध कराई जाए, क्योंकि वर्तमान में उन्हें महीनों तक इंतजार करना पड़ता है। साथ ही हाल ही में हुई फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग करते हुए कहा गया कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
संगठन ने स्टोर कर्मचारी ओमप्रकाश यादव पर कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनका स्थानांतरण करने, विश्वविद्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने तथा शिक्षकों और छात्रों की मासिक उपस्थिति रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई। इसके अलावा महिला शिकायतों का 15 दिनों के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने और तत्काल जनसुनवाई शुरू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
इस संबंध में कुलसचिव ने आश्वासन दिया कि अगले सप्ताह से सभी संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में नियमित जनसुनवाई पुनः प्रारंभ की जाएगी।
MPSU के अध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने कहा जनसुनवाई बंद करके प्रशासन ने छात्रों से संवाद समाप्त कर दिया है। यदि सात दिन के भीतर हमारी मांगें पूरी नहीं की गईं तो छात्र उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
इस अवसर पर आकाश खरे, कृष्णा तिवारी, हर्षित अवस्थी, नमन शर्मा, यश कनोजिया, अक्षत नेमा, अभिनव सिंह परिहार, सुमिल सिंह, प्रभात तिवारी, हर्षित कनोजिया सहित सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे।
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