Jabalpur News: लोन दिलाने के नाम पर 52.50 लाख हड़पे, , दो डायरेक्टरों पर मामला दर्ज

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। व्यवसाय विस्तार के लिए बैंक से बड़ा ऋण दिलाने का झांसा देकर 52.50 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में विजयनगर थाना पुलिस ने एमपी एसोसिएट्स के दो डायरेक्टरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, मेसर्स चैतन्य प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स, जबलपुर के एस.आर. डायरेक्टर सूर्यकांत पाठक ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2025 में व्यवसाय विस्तार एवं नए निवेश के लिए उनकी फर्म को बड़ी राशि के ऋण की आवश्यकता थी। इसी दौरान फर्म के डायरेक्टर आदर्श अग्रवाल के परिचित निखिल सोनी ने इंदौर स्थित एमपी एसोसिएट्स के डायरेक्टर योगेश पाटिल और मनीष सिंह कटारिया से परिचय कराया। दोनों ने स्वयं को वित्तीय सलाहकार बताते हुए बैंक से बड़ा लोन स्वीकृत कराने अथवा किसी बड़े निवेशक से साझेदारी कराने का भरोसा दिलाया।

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने फर्म के नाम पर कथित रूप से एक कूटरचित लोन एग्रीमेंट तैयार कर भेजा और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अलग-अलग तिथियों में आरटीजीएस के माध्यम से कुल 52 लाख 50 हजार रुपये प्राप्त कर लिए। इसमें 14 फरवरी 2025 को 10 लाख रुपये, 5 मार्च को 5 लाख रुपये, 23 मार्च को 5 लाख रुपये, 24 मार्च को 15 लाख रुपये तथा 4 अप्रैल को 17.50 लाख रुपये का भुगतान किया गया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि राशि प्राप्त करने के बावजूद न तो बैंक ऋण स्वीकृत कराया गया और न ही किसी निवेशक की व्यवस्था की गई। आरोपी लगातार बहाने बनाकर समय टालते रहे।

बाद में दबाव बनाने पर योगेश पाटिल और मनीष सिंह कटारिया ने क्रमशः 42.50 लाख रुपये और 10 लाख रुपये के दो चेक दिए, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर दोनों चेक हस्ताक्षरों का मिलान नहीं होने के कारण अनादरित (डिशॉनर) हो गए। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि योगेश पाटिल ने एमपी एसोसिएट्स के डायरेक्टर के रूप में निजी फंडिंग दिलाने के संबंध में एक लिखित अनुबंध भी किया था, जिसमें 52.50 लाख रुपये को सुरक्षा राशि (सिक्योरिटी) के रूप में दर्शाया गया था।

पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि आरोपियों ने व्यवसाय विस्तार के लिए लोन दिलाने का विश्वास दिलाकर शिकायतकर्ता की फर्म से 52.50 लाख रुपये प्राप्त किए और राशि हड़प ली। इसके आधार पर विजयनगर थाना पुलिस ने योगेश पाटिल एवं मनीष सिंह कटारिया के विरुद्ध धारा 318(4), 316(2) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। 

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