दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। एक महिला आरक्षक ने अधिवक्ता शोहरब शेख अख्तर उर्फ सौरभ के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि आरोपी ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर खुद को "सौरभ सिंह राजपूत" बताया, शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए और जब वह गर्भवती हुई तो उसे तथा होने वाले बच्चे को अपनाने से इनकार कर दिया।
महिला आरक्षक के अनुसार वर्ष 2024 में उसकी ड्यूटी जबलपुर कोर्ट में लगती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात अधिवक्ता शोहरब शेख से हुई। महिला का आरोप है कि उस समय आरोपी ने अपना नाम "सौरभ सिंह राजपूत" बताया और खुद को हिंदू बताया।
लगातार मुलाकातों और बातचीत के बाद दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो लगभग छह महीने में प्रेम संबंध में बदल गई। महिला का कहना है कि आरोपी अक्सर उसके घर आता-जाता था और हर बार वकील की वर्दी पहनकर आता था, जिससे परिवार को भी उस पर पूरा भरोसा हो गया। आरोपी ने शादी का प्रस्ताव रखा और यह भी कहा कि उसके परिवार को इस रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं है।
तलाकशुदा होने की जानकारी पहले से थी
महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने आरोपी को शुरुआत में ही बता दिया था कि वह तलाकशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। इसके बावजूद आरोपी ने शादी करने का भरोसा दिया और कहा कि उसे महिला के अतीत या बच्चों से कोई समस्या नहीं है।
महिला का आरोप है कि इसी भरोसे के आधार पर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने और आरोपी लगातार शादी का आश्वासन देता रहा।
सोशल मीडिया से खुला असली नाम और धर्म का राज
महिला का कहना है कि अगस्त 2025 में इंस्टाग्राम के माध्यम से उसे पता चला कि जिस व्यक्ति को वह अब तक "सौरभ सिंह राजपूत" समझ रही थी, उसका वास्तविक नाम शोहरब शेख है और वह पहले से शादीशुदा भी है।
इस सच्चाई के सामने आने के बाद महिला ने आरोपी से जवाब मांगा और उसके घर पहुंची, जहां उसके साथ कथित रूप से मारपीट की गई। इसके बाद महिला ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया और पुलिस की शरण ली।
शिकायत के अनुसार आरोपी ने महिला को यह कहकर समझाया कि सरकारी नौकरी में दो से अधिक बच्चों को लेकर भविष्य में परेशानी हो सकती है। इसी आधार पर उसने महिला को अपने एक बच्चे की अभिरक्षा (कस्टडी) पूर्व पति को सौंपने के लिए राजी किया।
महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसके नाम से न्यायालय में मामला दायर कराया और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से एक बच्चे की कस्टडी उसके पूर्व पति को दिला दी।
शादी का झांसा देकर बनाए शारीरिक संबंध
महिला आरक्षक का आरोप है कि आरोपी ने शादी का वादा कर कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब उसे आरोपी की वास्तविक पहचान का पता चला तब तक उनका संबंध काफी आगे बढ़ चुका था।
महिला का कहना है कि वह आरोपी से शादी करने के लिए तैयार थी, लेकिन आरोपी हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर शादी टालता रहा।
महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि एक समय आरोपी उसे अपने घर ले गया, जहां उससे कथित रूप से कलमा पढ़वाया गया और रोजे रखवाए गए। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसे गोमांस खिलाया गया।
महिला का कहना है कि इन सबके बावजूद आरोपी ने उससे विवाह नहीं किया और धीरे-धीरे उससे दूरी बना ली।
गर्भवती होने के बाद अपनाने से इनकार
महिला का आरोप है कि आरोपी के साथ संबंधों के दौरान वह गर्भवती हो गई। अब आरोपी बच्चे को अपना मानने से इनकार कर रहा है और कथित रूप से गर्भपात कराने का दबाव बना रहा है। महिला ने कहा है कि वह डीएनए जांच कराने के लिए तैयार है और आरोपी का भी डीएनए टेस्ट कराया जाना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
अन्य महिलाओं को भी धोखा देने का आरोप
शिकायत में महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी कई अन्य महिलाओं के संपर्क में है और उन्हें भी इसी प्रकार धोखा दे रहा है। महिला का दावा है कि आरोपी ने जबलपुर के पनागर क्षेत्र तथा न्यायालय से जुड़े कुछ लोगों के परिवारों की महिलाओं से भी दोस्ती कर उन्हें गुमराह किया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
धर्म सेना ने की कार्रवाई की मांग
पीड़ित महिला के साथ धर्म सेना के कार्यकर्ता भी एसपी कार्यालय पहुंचे। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि महिला के साथ पहचान छिपाकर विश्वासघात किया गया और उससे शादी का झांसा देकर शोषण किया गया।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि आरोपी के खिलाफ शीघ्र एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि महिला की शिकायत प्राप्त हो गई है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। शिकायत में नाम और धर्म छिपाकर दोस्ती करने, शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने तथा अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सभी पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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