दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में बुधवार को भी पेपर लीक से जुड़े 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा जारी रही। लोकसभा में विधेयक पर दूसरे दिन बहस हो रही है, जबकि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के इस बिल पर अपना पक्ष रखने की संभावना है।
संसद परिसर में समाजवादी पार्टी के सांसदों ने दानपेटी लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जो सरकार दानपेटी की रक्षा नहीं कर सकी, वह युवाओं का भविष्य भी सुरक्षित नहीं रख सकती। प्रदर्शन के दौरान सपा सांसदों ने राम मंदिर में चंदे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए भाजपा पर निशाना साधा।
वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर दिए अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने केवल सच कहा है और सच बोलने से पीछे नहीं हटेंगी। दूसरी ओर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सदन में अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हैं और विपक्ष को विधेयक के प्रावधानों पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए।
उधर भाजपा सांसदों ने संसद परिसर में झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में प्रदर्शन किया। राज्यसभा में भी विपक्ष के हंगामे के चलते कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही समय बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेंगे। वहीं केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित संशोधन विधेयक सदन में प्रस्तुत करेंगे।
गौरतलब है कि पेपर लीक विरोधी संशोधन विधेयक पर मंगलवार को लगभग नौ घंटे तक चर्चा हुई थी। सरकार का कहना है कि नया कानून परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाएगा, जबकि विपक्ष परीक्षा एजेंसियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।
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