दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। पुलिस ने शहर में स्पा सेंटर, कैफेटेरिया और अन्य प्रतिष्ठानों की आड़ में संचालित अवैध देह व्यापार तथा महिलाओं से जुड़े अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए 'ऑपरेशन गरिमा' शुरू किया है। हाल ही में पदस्थ हुईं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अन्नू बेनीवाल के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्पा सेंटरों, कैफेटेरिया और संदिग्ध प्रतिष्ठानों की लगातार जांच की जाएगी। इसके लिए पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की है, जो 24 घंटे निगरानी रखेगी और सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करेगी।
स्पा और कैफे की आड़ में चल रही थीं अनैतिक गतिविधियां
पुलिस जांच में सामने आया है कि शहर के कई स्पा सेंटर और कैफेटेरिया केवल व्यवसायिक प्रतिष्ठान नहीं, बल्कि अनैतिक गतिविधियों के अड्डे बन चुके थे। यहां आने वाले ग्राहकों से अतिरिक्त राशि लेकर निजी केबिन उपलब्ध कराए जाते थे, जहां संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की आशंका है।
तीन दिन पहले पुलिस ने शहर के पांच स्पा सेंटर और कैफेटेरिया पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस को ऐसे कई तथ्य मिले, जिनसे संकेत मिला कि इन स्थानों पर लंबे समय से अवैध गतिविधियां चल रही थीं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
₹300 प्रति घंटे किराये पर दिए जाते थे निजी केबिन
एएसपी अन्नू बेनीवाल और एएसपी आयुष जाखड़ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित कैफे और स्पा सेंटरों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई स्थानों पर युवक-युवतियां, महिलाएं और अन्य लोग निजी केबिनों में मौजूद मिले।
पुलिस के अनुसार, कैफेटेरिया के भीतर छोटे-छोटे बंद केबिन बनाए गए थे, जिन्हें ₹300 प्रति घंटे के हिसाब से किराये पर दिया जाता था। कई कमरों में पूरी तरह अंधेरा था। ग्राहकों को केबिन के साथ कॉफी और मैगी जैसी खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती थी तथा भुगतान क्यूआर कोड के माध्यम से लिया जाता था।
डीएक्स कैफे में मिला स्पा तक जाने वाला गुप्त रास्ता
नेपियर टाउन स्थित डीएक्स कैफे पर कार्रवाई के दौरान शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया, लेकिन गहन जांच में पुलिस को एक गुप्त रास्ता मिला, जो सीधे स्पा सेक्शन तक जाता था।
हालांकि वहां स्पा का बोर्ड लगा हुआ था, लेकिन मसाज क्रीम, सैलून उपकरण या अन्य आवश्यक सामग्री मौजूद नहीं थी। इसके बजाय कमरों में केवल बेड पाए गए। पुलिस को संदेह है कि स्पा सेंटर की आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
स्कूल-कॉलेजों के आसपास बने निजी केबिन भी जांच के दायरे में
पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि शहर के कई स्कूलों और कॉलेजों के आसपास स्थित कैफेटेरिया में निजी केबिन बनाए गए हैं। इन केबिनों को घंटों के हिसाब से किराये पर दिया जाता था और ग्राहकों को "प्राइवेसी" के नाम पर उपलब्ध कराया जाता था।
पुलिस अब ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां किसी प्रकार की अवैध गतिविधि संचालित न हो रही हो।
दुष्कर्म के मामलों में बढ़ोतरी के बाद लिया गया फैसला
हाल ही में पुलिस अधीक्षक (एसपी) संपत उपाध्याय की अपराध समीक्षा बैठक में कैफे से जुड़े दुष्कर्म के मामलों में वृद्धि पर गंभीर चर्चा हुई थी। इसके बाद महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 'ऑपरेशन गरिमा' शुरू करने का निर्णय लिया गया और इसकी जिम्मेदारी एएसपी अन्नू बेनीवाल को सौंपी गई।
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई से पहले कई दिनों तक गुप्त सूचनाएं एकत्र की गई थीं। छापेमारी के दौरान कई कैफे केवल दिखावे के लिए संचालित पाए गए, जबकि उनके निजी केबिनों में संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले।
1319 ब्यूटी पार्लर पंजीकृत, केवल 94 के पास स्पा लाइसेंस
नगर निगम के ई-पालिका पोर्टल पर स्पा सेंटर के लिए अलग ट्रेड श्रेणी उपलब्ध नहीं है। इसी कारण कई संचालक ब्यूटी पार्लर के लाइसेंस के साथ स्पा का उल्लेख कराते हैं। नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, जबलपुर में कुल 1319 ब्यूटी पार्लर पंजीकृत हैं, जिनमें से केवल 94 प्रतिष्ठानों ने स्पा सेंटर का लाइसेंस भी लिया है। पुलिस का मानना है कि शहर में संचालित अवैध स्पा सेंटरों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। जानकारों के अनुसार, कुछ स्पा सेंटर "24 घंटे सेवा" और "स्पेशल पैकेज" के नाम पर संचालित हो रहे हैं, जबकि कुछ कैफेटेरिया दिन में सामान्य फास्ट फूड सेंटर और रात में बंद कमरों में संदिग्ध गतिविधियों के केंद्र बन जाते हैं।
सूचना देने वालों की पहचान रहेगी पूरी तरह गोपनीय
एएसपी अन्नू बेनीवाल ने कहा है कि ऑपरेशन गरिमा के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें कहीं अवैध देह व्यापार, महिलाओं के शोषण या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो वे सीधे पुलिस कार्यालय या पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से सूचना दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
स्पा और कैफे की आड़ में चल रही थीं अनैतिक गतिविधियां
पुलिस जांच में सामने आया है कि शहर के कई स्पा सेंटर और कैफेटेरिया केवल व्यवसायिक प्रतिष्ठान नहीं, बल्कि अनैतिक गतिविधियों के अड्डे बन चुके थे। यहां आने वाले ग्राहकों से अतिरिक्त राशि लेकर निजी केबिन उपलब्ध कराए जाते थे, जहां संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की आशंका है।
तीन दिन पहले पुलिस ने शहर के पांच स्पा सेंटर और कैफेटेरिया पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस को ऐसे कई तथ्य मिले, जिनसे संकेत मिला कि इन स्थानों पर लंबे समय से अवैध गतिविधियां चल रही थीं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
₹300 प्रति घंटे किराये पर दिए जाते थे निजी केबिन
एएसपी अन्नू बेनीवाल और एएसपी आयुष जाखड़ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित कैफे और स्पा सेंटरों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई स्थानों पर युवक-युवतियां, महिलाएं और अन्य लोग निजी केबिनों में मौजूद मिले।
पुलिस के अनुसार, कैफेटेरिया के भीतर छोटे-छोटे बंद केबिन बनाए गए थे, जिन्हें ₹300 प्रति घंटे के हिसाब से किराये पर दिया जाता था। कई कमरों में पूरी तरह अंधेरा था। ग्राहकों को केबिन के साथ कॉफी और मैगी जैसी खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती थी तथा भुगतान क्यूआर कोड के माध्यम से लिया जाता था।
डीएक्स कैफे में मिला स्पा तक जाने वाला गुप्त रास्ता
नेपियर टाउन स्थित डीएक्स कैफे पर कार्रवाई के दौरान शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया, लेकिन गहन जांच में पुलिस को एक गुप्त रास्ता मिला, जो सीधे स्पा सेक्शन तक जाता था।
हालांकि वहां स्पा का बोर्ड लगा हुआ था, लेकिन मसाज क्रीम, सैलून उपकरण या अन्य आवश्यक सामग्री मौजूद नहीं थी। इसके बजाय कमरों में केवल बेड पाए गए। पुलिस को संदेह है कि स्पा सेंटर की आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
स्कूल-कॉलेजों के आसपास बने निजी केबिन भी जांच के दायरे में
पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि शहर के कई स्कूलों और कॉलेजों के आसपास स्थित कैफेटेरिया में निजी केबिन बनाए गए हैं। इन केबिनों को घंटों के हिसाब से किराये पर दिया जाता था और ग्राहकों को "प्राइवेसी" के नाम पर उपलब्ध कराया जाता था।
पुलिस अब ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां किसी प्रकार की अवैध गतिविधि संचालित न हो रही हो।
दुष्कर्म के मामलों में बढ़ोतरी के बाद लिया गया फैसला
हाल ही में पुलिस अधीक्षक (एसपी) संपत उपाध्याय की अपराध समीक्षा बैठक में कैफे से जुड़े दुष्कर्म के मामलों में वृद्धि पर गंभीर चर्चा हुई थी। इसके बाद महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 'ऑपरेशन गरिमा' शुरू करने का निर्णय लिया गया और इसकी जिम्मेदारी एएसपी अन्नू बेनीवाल को सौंपी गई।
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई से पहले कई दिनों तक गुप्त सूचनाएं एकत्र की गई थीं। छापेमारी के दौरान कई कैफे केवल दिखावे के लिए संचालित पाए गए, जबकि उनके निजी केबिनों में संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले।
1319 ब्यूटी पार्लर पंजीकृत, केवल 94 के पास स्पा लाइसेंस
नगर निगम के ई-पालिका पोर्टल पर स्पा सेंटर के लिए अलग ट्रेड श्रेणी उपलब्ध नहीं है। इसी कारण कई संचालक ब्यूटी पार्लर के लाइसेंस के साथ स्पा का उल्लेख कराते हैं। नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, जबलपुर में कुल 1319 ब्यूटी पार्लर पंजीकृत हैं, जिनमें से केवल 94 प्रतिष्ठानों ने स्पा सेंटर का लाइसेंस भी लिया है। पुलिस का मानना है कि शहर में संचालित अवैध स्पा सेंटरों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। जानकारों के अनुसार, कुछ स्पा सेंटर "24 घंटे सेवा" और "स्पेशल पैकेज" के नाम पर संचालित हो रहे हैं, जबकि कुछ कैफेटेरिया दिन में सामान्य फास्ट फूड सेंटर और रात में बंद कमरों में संदिग्ध गतिविधियों के केंद्र बन जाते हैं।
सूचना देने वालों की पहचान रहेगी पूरी तरह गोपनीय
एएसपी अन्नू बेनीवाल ने कहा है कि ऑपरेशन गरिमा के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें कहीं अवैध देह व्यापार, महिलाओं के शोषण या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो वे सीधे पुलिस कार्यालय या पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से सूचना दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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