दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जनगणना-2027 के लिए पूछे जाने वाले 40 सवालों की सूची जारी कर दी है। इस बार जनगणना में एक बड़ा बदलाव करते हुए सभी समुदायों की जाति संबंधी जानकारी दर्ज की जाएगी। आजादी के बाद यह पहली बार होगा, जब सामान्य जनगणना में सभी जातियों की जानकारी जुटाई जाएगी।
2011 की जनगणना में जाति से जुड़े विकल्पों में मुख्य रूप से SC और ST की जानकारी दर्ज की गई थी। वहीं जनगणना-2027 के फॉर्म में जाति से जुड़ा सवाल नंबर 10 पर रखा गया है, जिसमें SC/ST के साथ जाति का विकल्प भी शामिल किया गया है।
नाम, उम्र, धर्म और परिवार से जुड़े सवाल
जनगणना के शुरुआती सवालों में व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि और उम्र पूछी जाएगी। इसके अलावा वैवाहिक स्थिति, शादी के समय उम्र, पति या पत्नी का नाम, राष्ट्रीयता, धर्म और जाति की जानकारी ली जाएगी। माता-पिता से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
शिक्षा और भाषा की जानकारी भी होगी
जनगणना में दिव्यांगता, मातृभाषा और अन्य भाषाओं की जानकारी ली जाएगी। इसके साथ साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाई की स्थिति और व्यक्ति की उच्चतम शैक्षणिक योग्यता के बारे में भी सवाल होंगे।
रोजगार से जुड़े 8 सवाल
लोगों से पिछले एक साल में उनके कामकाज से संबंधित जानकारी ली जाएगी। इसमें आर्थिक गतिविधि, व्यवसाय, काम का क्षेत्र, कामगार की श्रेणी, गैर-आर्थिक गतिविधि और काम की तलाश जैसी जानकारी शामिल होगी। काम की जगह तक आने-जाने से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
जन्मस्थान और पलायन का रिकॉर्ड
जनगणना में व्यक्ति का जन्मस्थान, पिछला निवास स्थान, वहां रहने की अवधि और दूसरे स्थान पर जाने का कारण पूछा जाएगा। स्थायी निवास की जानकारी भी दर्ज होगी। महिलाओं से जीवित बच्चों की संख्या, अब तक जन्मे बच्चों और पिछले एक साल में जन्मे बच्चों की संख्या से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।
कोविड वैक्सीन से लेकर बैंक अकाउंट तक सवाल
जनगणना-2027 में कुछ ऐसे सवाल भी शामिल किए गए हैं जो पहले की जनगणना से अलग हैं। लोगों से कोविड-19 वैक्सीन कहां लगवाई, कुल कितने बैंक अकाउंट हैं और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी मांगी जाएगी।
इसके अलावा आधार नंबर, वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध है या नहीं, इसकी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
पहली डिजिटल जनगणना होगी
जनगणना-2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसमें डेटा डिजिटल माध्यम से दर्ज किया जाएगा। लोगों को खुद अपनी जानकारी देने यानी सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प भी दिया जाएगा।
सरकार के अनुसार, जनगणना में दी गई व्यक्तिगत जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा। सेंसस एक्ट की धारा 15 के तहत जनगणना से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती और इसे RTI के तहत भी हासिल नहीं किया जा सकता।
11,718 करोड़ रुपए का बजट
केंद्र सरकार ने जनगणना-2027 के लिए 11,718.24 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी है। जनगणना का काम केंद्र के समन्वय से होगा, जबकि राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें इसके क्रियान्वयन में सहयोग करेंगी।
जनगणना 2021 में प्रस्तावित थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसे टाल दिया गया था।
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