दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) कोलकाता। आरजी कर मेडिकल कॉलेज की ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर मामले में गिरफ्तार पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष को शुक्रवार को कोर्ट ले जाते समय भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा। नॉर्थ 24 परगना जिले के खरदह थाने से बैरकपुर कोर्ट ले जाते समय लोगों ने उन्हें घेर लिया और लात-घूंसों से मारपीट की। भीड़ ने आरोपी पर जूते-चप्पल, अंडे और कीचड़ भी फेंका।
पुलिस ने हालात को संभालते हुए निर्मल घोष और दूसरे गिरफ्तार आरोपी संजीब मुखर्जी को सुरक्षा घेरे में कोर्ट तक पहुंचाया। भीड़ के विरोध को देखते हुए पुलिस और RAF जवानों ने दोनों के सिर पर हेलमेट लगा दिए। इसके बावजूद निर्मल घोष के कपड़ों पर अंडे और कीचड़ के निशान दिखाई दिए। बैरकपुर कोर्ट पहुंचने पर भी लोगों ने आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी की।
निर्मल घोष और संजीब मुखर्जी को 13 अगस्त को ओडिशा के बालासोर से गिरफ्तार किया गया था। दोनों पर आरजी कर अस्पताल की डॉक्टर के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने और इस प्रक्रिया में कथित तौर पर प्रभाव का इस्तेमाल करने के आरोप हैं।
पीड़िता के पिता की शिकायत पर FIR
पीड़िता के पिता ने 10 अगस्त को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में इसी शिकायत को FIR में बदला गया। आरोप है कि तत्कालीन पानीहाटी विधायक निर्मल घोष ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर परिवार की इच्छा के खिलाफ डॉक्टर का जल्द अंतिम संस्कार कराने में भूमिका निभाई।
पीड़िता के माता-पिता का आरोप है कि अंतिम संस्कार इतनी जल्दबाजी में कराया गया कि दोबारा पोस्टमॉर्टम की संभावना खत्म हो गई। उनका दावा है कि इससे रेप और हत्या से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत प्रभावित हो सकते थे।
सबूत मिटाने और साजिश के आरोप
पुलिस के अनुसार, निर्मल घोष पर सबूत मिटाने, आपराधिक साजिश और किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ काम करने के लिए मजबूर करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। जांच के मुताबिक, डॉक्टर का शव मिलने के बाद निर्मल घोष को आरजी कर मेडिकल कॉलेज में देखा गया था।
आरोप है कि उन्होंने तत्कालीन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल संदीप घोष के साथ बैठक भी की थी। संदीप घोष को बाद में आरजी कर मामले में गिरफ्तार किया गया था। निर्मल घोष को उस वाहन के साथ भी देखे जाने की बात सामने आई है, जिसमें डॉक्टर का शव श्मशान घाट ले जाया गया था।
FIR में तीन आरोपी, एक फरार
इस मामले में FIR में कुल तीन लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष, पानीहाटी नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन सोमनाथ डे और पूर्व TMC पार्षद संजीब मुखर्जी शामिल हैं।
निर्मल घोष और संजीब मुखर्जी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि सोमनाथ डे अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
CBI की जांच में पहले नहीं था अंतिम संस्कार का एंगल
जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने का आरोप अब तक चल रही CBI जांच के दायरे में शामिल नहीं था। बाद में इस आरोप को लेकर अलग से जांच शुरू की गई। इसके बाद पीड़िता के पिता की शिकायत पर FIR दर्ज हुई और दो आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बैरकपुर पुलिस की सराहना की है। उन्होंने कहा कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
आरजी कर मामले में 9 अगस्त 2024 को ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप के बाद हत्या की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे और मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी। अब जल्द अंतिम संस्कार कराने से जुड़े आरोपों की नई जांच के चलते मामला एक बार फिर चर्चा में है।
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