दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। मध्यप्रदेश में अब मॉल, रेस्टोरेंट, थिएटर, बिजनेस सेंटर और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े संस्थान जरूरत के अनुसार 24 घंटे संचालित किए जा सकेंगे। मध्यप्रदेश कार्यस्थल सशक्तीकरण संहिता (श्रम शक्ति संहिता) 2026 विधेयक को राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मंजूरी दे दी है।
नई व्यवस्था के तहत स्थानीय निकाय और जिला प्रशासन की अनुशंसा के आधार पर सरकार किसी क्षेत्र में 24 घंटे व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने की अनुमति दे सकेगी। इसमें कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्राथमिकता दी जाएगी।
आईटी कंपनियों और नाइट शिफ्ट कर्मचारियों को राहत
24 घंटे बाजार और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने से आईटी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। आईटी सेक्टर में तीन शिफ्ट में काम होता है, ऐसे में रात के समय खाने-पीने और जरूरी सामान की दुकानों के बंद होने से कर्मचारियों को परेशानी होती थी।
सरकार ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और तेलंगाना जैसे राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन करने के बाद यह प्रावधान किया है।
रात में काम करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षा जरूरी
नई संहिता में महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी गई है। हालांकि, नियोक्ता को उनकी सुरक्षा और परिवहन की व्यवस्था करनी होगी। कर्मचारियों को घर से लाने और सुरक्षित वापस पहुंचाने की जिम्मेदारी भी नियोक्ता की होगी।
एक दिन में 12 घंटे से ज्यादा काम नहीं
नियमों के तहत कर्मचारी की कार्य अवधि का हिसाब अलग तरीके से किया जा सकेगा, लेकिन किसी कर्मचारी से एक दिन में 12 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जा सकेगा।
इसके अलावा कंपनियां कर्मचारियों के मूल दस्तावेज या अन्य सामान को बंधक नहीं रख सकेंगी। सरकार का उद्देश्य कारोबार को बढ़ावा देने के साथ कर्मचारियों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
UCC विधेयक कानूनी सलाह के लिए भेजा
राज्यपाल ने मध्यप्रदेश के 2026-27 के प्रथम अनुपूरक बजट से जुड़े विनियोग विधेयक को भी मंजूरी दे दी है। वहीं समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को कानूनी सलाह के लिए राजभवन की विधि एवं विधायी शाखा को भेजा गया है।
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