दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त जिलाध्यक्षों के कामकाज की आज दिल्ली में समीक्षा होगी। कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित इस अहम बैठक में संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल प्रदेश के जिलाध्यक्षों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेंगे। बैठक के बाद कमजोर प्रदर्शन करने वाले करीब 10 जिलाध्यक्षों को पद से हटाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
बैठक दो चरणों में होगी। पहले चरण में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के साथ संगठन की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में जिलाध्यक्षों से उनके कामकाज और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर चर्चा होगी।
चार श्रेणियों में बांटे गए जिलाध्यक्ष
कांग्रेस ने जिलाध्यक्षों को उनके प्रदर्शन के आधार पर ए, बी, सी और डी श्रेणियों में विभाजित किया है। ए श्रेणी में शामिल जिलाध्यक्षों को बैठक में नहीं बुलाया गया है। संगठन सृजन अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन नेताओं से बाद में राहुल गांधी स्वयं बातचीत करेंगे। बी श्रेणी के जिलाध्यक्षों को बैठक में बुलाया गया है। उन्हें बेहतर प्रदर्शन कर ए श्रेणी में आने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा। सी श्रेणी के जिलाध्यक्षों को अंतिम मौका देते हुए निर्धारित समय सीमा में प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए जाएंगे। डी श्रेणी में शामिल कमजोर प्रदर्शन वाले जिलाध्यक्षों पर सबसे बड़ी कार्रवाई की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इस श्रेणी में करीब 10 जिलाध्यक्ष हैं, जिन्हें जिम्मेदारी से मुक्त करने के आदेश बैठक के बाद कभी भी जारी किए जा सकते हैं।
प्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से बुलाई गई इस समीक्षा बैठक को आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक दो चरणों में होगी। पहले चरण में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के साथ संगठन की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में जिलाध्यक्षों से उनके कामकाज और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर चर्चा होगी।
चार श्रेणियों में बांटे गए जिलाध्यक्ष
कांग्रेस ने जिलाध्यक्षों को उनके प्रदर्शन के आधार पर ए, बी, सी और डी श्रेणियों में विभाजित किया है। ए श्रेणी में शामिल जिलाध्यक्षों को बैठक में नहीं बुलाया गया है। संगठन सृजन अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन नेताओं से बाद में राहुल गांधी स्वयं बातचीत करेंगे। बी श्रेणी के जिलाध्यक्षों को बैठक में बुलाया गया है। उन्हें बेहतर प्रदर्शन कर ए श्रेणी में आने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा। सी श्रेणी के जिलाध्यक्षों को अंतिम मौका देते हुए निर्धारित समय सीमा में प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए जाएंगे। डी श्रेणी में शामिल कमजोर प्रदर्शन वाले जिलाध्यक्षों पर सबसे बड़ी कार्रवाई की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इस श्रेणी में करीब 10 जिलाध्यक्ष हैं, जिन्हें जिम्मेदारी से मुक्त करने के आदेश बैठक के बाद कभी भी जारी किए जा सकते हैं।
प्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से बुलाई गई इस समीक्षा बैठक को आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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