दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। शहपुरा रेलवे ओवर ब्रिज के क्षतिग्रस्त एप्रोच के स्थायी पुनर्निर्माण को लेकर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने भोपाल में विभागीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा, गुणवत्ता और दीर्घकालीन स्थायित्व को प्राथमिकता देते हुए पुनर्निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
आरओबी का एप्रोच पूरी तरह दुरुस्त होने तक नागरिकों और भारी वाहनों के आवागमन के लिए तीन वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इन मार्गों पर मरम्मत, डामरीकरण, रोड शोल्डर, संकेतक, बैरिकेडिंग और अन्य यातायात सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
20 अगस्त तक दो वैकल्पिक मार्गों में सुधार
शहपुरा–कृषि उपज मंडी–रेलवे लेवल क्रॉसिंग मार्ग पर आवश्यक सुधार कार्य 20 अगस्त 2026 तक पूरे किए जाएंगे। वहीं सहजपुर–किसरोद–टिपराह–नोनी–घुनसौर मार्ग को भी यातायात के अनुकूल बनाने का काम 20 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जबलपुर-पाटन-शहपुरा मार्ग पर 15 सितंबर तक काम
लगभग 36 किलोमीटर लंबे जबलपुर–पाटन–शहपुरा मार्ग पर ट्रैफिक दबाव को देखते हुए रोड शोल्डर निर्माण, मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कराया जाएगा। मार्ग पर पर्याप्त और स्पष्ट संकेतक लगाए जाएंगे। इन सभी सुधार कार्यों को 15 सितंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्माण एजेंसी डिबार, MD पर FIR
शहपुरा आरओबी का निर्माण करने वाली मेसर्स वागड़ इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्रा.लि.–मेसर्स सोराठिया वेलजी रत्ना कंपनी लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम को विभाग द्वारा 10 जून 2026 को डिबार किया जा चुका है। वहीं मेसर्स वागड़ इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्रा.लि. के प्रबंध निदेशक विनोद जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
मंत्री राकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में लापरवाही, गुणवत्ता से समझौता और नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। आरओबी के एप्रोच का स्थायी पुनर्निर्माण तकनीकी मानकों के अनुरूप और तय समय में पूरा कराया जाएगा।

