दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव से 18 दिन पहले नंदीग्राम सीट पर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ममता बनर्जी के गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। उन्होंने नाम वापसी को लेकर पत्र भी जारी किया है।
संचिता प्रधान डे को ममता बनर्जी के गुट ने 13 सितंबर को नंदीग्राम से उम्मीदवार घोषित किया था। नामांकन वापस लेने से पहले संचिता की बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की जानकारी सामने आई है। हालांकि यह मुलाकात कब हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
वहीं, रेजीनगर सीट से ममता गुट के प्रत्याशी रबीउल आलम चौधरी चुनाव मैदान में बने हुए हैं।
शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे से खाली हुई नंदीग्राम सीट
नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। 2026 के विधानसभा चुनाव में अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव जीता था। इसके बाद उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी, जिसके चलते यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
नंदीग्राम का राजनीतिक महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने इसी सीट से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
6 अक्टूबर को मतदान, 9 अक्टूबर को परिणाम
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग ने TMC के दोनों गुटों को अंतरिम तौर पर अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न भी आवंटित किए हैं।
ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न दिया गया है। वहीं दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।
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