Jabalpur News: हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक को लगा बड़ा झटका

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। थाना ओमती क्षेत्र अंतर्गत जमीन सौदे में धोखाधड़ी और न्यायालय परिसर में फरियादी को जान से मारने की धमकी देने के मामले में बंद हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक की नियमित जमानत याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी है। आरोपी वर्तमान में केंद्रीय जेल भोपाल में निरुद्ध है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओमती थाने में पीड़ित अजय पटेल की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 374/24 के तहत धारा 420, 419, 467, 468, 471, 384, 386, 506, 406, 120बी, 34 भादवि एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी अब्दुल रज्जाक (65 वर्ष), निवासी रिपटा बड़ी ओमती ने अपने परिवार और गुर्गों के साथ मिलकर षड़यंत्र रचा और जमीन बेचने के नाम पर फरियादी के 95 लाख रुपये हड़प लिए। इसके अलावा, पेशी के दौरान उसने न्यायालय परिसर में ही पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी थी।

कोर्ट में शासन ने किया जमानत का पुरजोर विरोध

शुक्रवार (18 सितंबर 2026) को माननीय अपर सत्र न्यायाधीश जबलपुर के न्यायालय में आरोपी की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक अनिल तिवारी ने पैरवी करते हुए जमानत अर्जी का कड़ा विरोध किया। अदालत ने अपराध की गंभीरता और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए नियमित जमानत आवेदन को खारिज कर दिया।

पुलिस कप्तान के निर्देशन में हो रही मॉनिटरिंग

अब्दुल रज्जाक के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की प्रभावी मॉनिटरिंग पुलिस अधीक्षक जबलपुर सम्पत उपाध्याय के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) डॉ. आयुष जाखड़ के मार्गदर्शन में की जा रही है। इस प्रक्रिया में सीएसपी ओमती सोनू कुर्मी और ओमती थाना प्रभारी राजपाल सिंह बघेल की टीम लगातार कार्रवाई में जुटी हुई है।

1991 से दर्ज हैं कई संगीन अपराध

उल्लेखनीय है कि कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 1991 से लेकर अब तक अवैध वसूली, मारपीट, बलवा, अवैध हथियार रखने और हथियारों से लैस होकर हत्या करने जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। क्षेत्र में उसके खौफ के कारण आम जनता और पीड़ित पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने तथा गवाही देने से कतराते थे।

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