प्रयागराज में जमीन में गाड़कर रखे थे करोड़ों रुपए! नीले ड्रमों से मिली नोटों की गड्डियां, पुलिस ने घर किया सील

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जमीन के नीचे छिपाकर रखी गई करोड़ों रुपए की नकदी मिलने से हड़कंप मच गया। नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर गांव में पुलिस ने राकेश यादव उर्फ महाकाल के घर से तीन नीले ड्रम बरामद किए, जिनमें 500-500 रुपए के नोटों की गड्डियां कपड़ों में लपेटकर रखी गई थीं। शुरुआती जानकारी में नकदी करीब 5 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने घर को सील कर दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब पुलिस पड़ोसियों के साथ हुए विवाद की जांच करने राकेश यादव के घर पहुंची। करीब पांच-छह दिन पहले राकेश का पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों से विवाद हुआ था। इस मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस के पहुंचने पर दरोगा के साथ उसकी बहस भी हुई। इसके बाद पुलिस को घर में बड़ी मात्रा में नकदी छिपाकर रखे जाने की सूचना मिली, जिसके आधार पर तलाशी अभियान चलाया गया।

गांव की बिजली कटवाकर पुलिस ने की छापेमारी

पुलिस को सूचना मिली थी कि घर में चोरी के रुपए जमीन के नीचे दबाकर रखे गए हैं। मामला पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया तक पहुंचने के बाद बुधवार शाम करीब छह बजे डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार और एडीसीपी पुष्कर वर्मा समेत पुलिस टीम बरईपुर गांव पहुंची। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पूरे गांव की बिजली कटवाई गई और फिर घर की तलाशी शुरू की गई। मौके पर सोरांव के एसीपी श्यामजीत प्रमिला सिंह सहित पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।

साढ़े चार घंटे चला तलाशी अभियान

तलाशी के दौरान घर के अंदर जमीन में दबाकर रखे गए तीन नीले ड्रम मिले। ड्रमों में कपड़ों से लपेटकर नोटों की गड्डियां रखी गई थीं। पुलिस ने नकदी को अपने कब्जे में लेते हुए घर को सील कर दिया। करीब साढ़े चार घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद रात लगभग साढ़े दस बजे पुलिस टीम वापस लौटी।

रिपोर्ट के मुताबिक, राकेश के भाई बबलू को भी हिरासत में लिया गया है और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है। घर के आसपास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। मकान के अलावा बगीचे और आसपास की खाली जमीन को भी घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया है।

पुणे में सर्राफा कारोबारी के यहां करता था काम

गांव के लोगों के मुताबिक, राकेश यादव कई साल पहले पुणे में अपने बहनोई और साले के साथ रहता था, जहां वह एक सर्राफा व्यापारी के यहां काम करता था। कोरोना महामारी के दौरान वह अपने गांव बरईपुर लौट आया। ग्रामीणों का दावा है कि इसके बाद उसने करीब 22 बीघा जमीन खरीदी, जिसकी कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। उसने लगभग एक करोड़ रुपए खर्च कर मकान बनवाया। इसके अलावा दो ट्रैक्टर, डीजे और पिकअप वाहन खरीदने के साथ सीमेंट-सरिया का कारोबार भी शुरू किया।

हालांकि, जमीन और संपत्ति खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई रकम का स्रोत क्या था, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस नकदी के स्रोत और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

रात होने पर रोका गया सर्च ऑपरेशन

डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार के मुताबिक, बुधवार रात होने के कारण तलाशी अभियान रोक दिया गया था। घर के आसपास पुलिस बल तैनात है और आगे की कार्रवाई के लिए परिसर को सुरक्षित रखा गया है। जमीन के नीचे दबाए गए तीन ड्रमों से करोड़ों रुपए की नकदी मिली है।

फिलहाल, बरामद नकदी की अंतिम गिनती, उसके वैध स्रोत और पूरे मामले से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई और उसे जमीन में छिपाकर क्यों रखा गया था।

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