Jabalpur News: दशहरा घूमने आए 24 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत, पुलिस कस्टडी में पिटाई का आरोप; परिजनों ने सड़क पर शव रखकर लगाया जाम

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। दशहरा पर महाकाली माता के दर्शन करने जबलपुर आए 24 वर्षीय आकाश चौधरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आकाश के परिजनों ने लार्डगंज थाना पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पुलिस हिरासत में पिटाई के कारण उसकी मौत हुई। वहीं, पुलिस का कहना है कि युवक शराब के नशे में था और थाने में बैठाने के कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने कोर्ट से न्यायिक जांच कराने का निवेदन किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।

घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने आकाश का शव शहपुरा में जबलपुर-नरसिंहपुर रोड पर रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शासन से मुआवजा देने की मांग की है।

महाकाली माता के दर्शन के दौरान पुलिस ले गई थाने

जानकारी के अनुसार, आकाश चौधरी शहपुरा का रहने वाला था। वह सोमवार को अपने छोटे भाई विवेक चौधरी और दोस्तों के साथ दशहरा घूमने जबलपुर आया था। रात करीब 9 बजे गढ़ा फाटक स्थित महाकाली माता के दर्शन के दौरान वह मोबाइल से फोटो और वीडियो बना रहा था। इसी बीच पुलिसकर्मियों को उसके नशे में होने का संदेह हुआ और उसे लार्डगंज थाने ले जाया गया।

आकाश के छोटे भाई विवेक के मुताबिक, वह भी अपने भाई के पीछे-पीछे थाने पहुंचा था। वहां उसे घर जाने के लिए कहा गया और बताया गया कि उसके भाई को सुबह छोड़ दिया जाएगा। विवेक का कहना है कि उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि कुछ घंटों बाद परिवार को आकाश की मौत की खबर मिलेगी।

सुबह मिली मौत की खबर, परिवार में मचा कोहराम

परिजनों के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 4 बजे कोटवार ने फोन कर आकाश की मौत की सूचना दी। अचानक मिली इस खबर से परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने सवाल उठाया कि जिस युवक को रात में पुलिस अपने साथ थाने लेकर गई थी, उसकी कुछ ही घंटों में मौत कैसे हो गई?

आकाश की मां ममता चौधरी ने आरोप लगाया कि जब पुलिस उनके बेटे को पकड़कर ले गई थी, तब उसकी तबीयत ठीक थी। उनके मुताबिक, आकाश को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी और वह सामान्य रूप से अपना जीवन जी रहा था। मां ने पुलिस के हार्ट अटैक आने संबंधी दावे पर भी सवाल उठाते हुए घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की।

ममता का आरोप है कि आकाश को थाने ले जाने के बाद पुलिस ने परिवार को कोई सूचना नहीं दी। उनका कहना है कि पुलिस के पास आकाश का मोबाइल था और चाहती तो रात में ही परिवार को जानकारी दे सकती थी, लेकिन सुबह उसकी मौत के बाद सूचना दी गई।

पुलिस ने मारपीट के आरोपों को नकारा

सीएसपी अखिलेश गौर के मुताबिक, सोमवार रात गढ़ा फाटक क्षेत्र में महाकाली माता के दर्शन चल रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा अभद्रता किए जाने की सूचना मिली थी। सुरक्षा की दृष्टि से समिति के लोगों ने एक युवक को पकड़ा और थाने ले आए। पुलिस के अनुसार, युवक शराब के नशे में था और उसे थाने में बैठाया गया था।

सीएसपी ने बताया कि कुछ देर बाद युवक की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने थाने में मारपीट किए जाने के आरोपों को गलत बताया है। अधिकारियों का कहना है कि थाने में 16 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और न्यायिक जांच के दौरान इन कैमरों की फुटेज की जांच की जा सकती है।

कोर्ट से न्यायिक जांच कराने का निवेदन स्वीकार

सीएसपी अखिलेश गौर ने बताया कि परिजनों द्वारा आकाश की मौत पुलिस हिरासत में होने के आरोप लगाए जाने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई। एसपी ने कोर्ट से प्रकरण की न्यायिक जांच कराने का निवेदन किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। अब मामले की जांच की जा रही है।

न्यायिक जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों, युवक की तबीयत बिगड़ने के घटनाक्रम और थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जैसे पहलुओं की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

शव सड़क पर रखकर किया चक्काजाम

आकाश की मौत से नाराज परिजन शव लेकर शहपुरा पहुंचे और जबलपुर-नरसिंहपुर रोड पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। इससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर एसडीएम, एसडीओपी और शहपुरा थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझाने और स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। परिजनों की मांग है कि आकाश की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और परिवार को शासन की ओर से आर्थिक सहायता दी जाए।

परिजनों का कहना है कि आकाश परिवार का इकलौता बेटा था और परिवार की जिम्मेदारी उसी पर थी। उसकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। फिलहाल, मामले में न्यायिक जांच के जरिए मौत की परिस्थितियों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने आने का इंतजार है।

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