Jabalpur News: गोहलपुर थाने में वकीलों का हंगामा, पुलिसकर्मी पर ₹20 हजार की वसूली और अभद्रता का आरोप, टीआई और अधिवक्ता संघ अध्यक्ष में तीखी बहस; देखें वीडियो

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। गोहलपुर थाना क्षेत्र में मुख्य मार्ग से वाहन हटाने के नाम पर कथित अवैध वसूली और अभद्रता के आरोपों को लेकर अधिवक्ताओं ने हंगामा कर दिया। पुलिसकर्मी पर 20 हजार रुपए मांगने का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में अधिवक्ता गोहलपुर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा। इस दौरान थाना प्रभारी और अधिवक्ताओं के बीच नोकझोंक भी हुई।

वाहन खराब होने के बाद शुरू हुआ विवाद


जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता आशीष पटेल के परिवार की एक गाड़ी बाईपास मुख्य मार्ग से गुजर रही थी। इसी दौरान तकनीकी खराबी या डीजल खत्म होने के कारण वाहन सड़क पर बंद हो गया। मौके पर पहुंची एफआरवी में तैनात आरक्षक रंजीत कुमार यादव ने वाहन को सड़क से हटाने के लिए कहा।

अधिवक्ताओं का आरोप है कि उन्होंने मैकेनिक को बुलाकर जल्द वाहन किनारे करने की बात कही, लेकिन आरक्षक ने गाड़ी थाने ले जाने की बात कहते हुए 20 हजार रुपए की मांग की।

रसीद मांगने पर बढ़ा विवाद


अधिवक्ताओं के मुताबिक, उन्होंने यदि 20 हजार रुपए चालान के रूप में लिए जा रहे हैं तो उसकी आधिकारिक रसीद देने की मांग की। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने रसीद देने से इनकार कर दिया। इसके बाद वाहन की चाबी लेकर उसे नो-एंट्री क्षेत्र से होते हुए गोहलपुर थाने के बाहर खड़ा कर दिया गया।

बाद में पुलिस द्वारा 5 हजार रुपए का चालान काटकर रसीद दिए जाने की बात सामने आई। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि पूरी कार्रवाई के दौरान उनके साथी के साथ अभद्र भाषा और गाली-गलौज की गई।

थाना प्रभारी से भी हुई नोकझोंक


घटना से नाराज अधिवक्ता गोहलपुर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। मामले की जानकारी मिलने पर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मनीष मिश्रा भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान थाना प्रभारी रितेश पांडे और अधिवक्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

अधिवक्ता गजेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि 5 हजार रुपए का चालान काटकर रसीद दे दी गई, लेकिन साथी अधिवक्ता के साथ कथित अभद्रता, गाली-गलौज और वाहन को जबरन नो-एंट्री क्षेत्र में ले जाने के मामले में कार्रवाई जरूरी है। उनका कहना है कि मामले की जानकारी टीआई और सीएसपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है।

अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ एफआईआर और कार्रवाई होने तक धरना जारी रहेगा। पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post