MP News: अप्रैल-मई में हो सकते हैं पंचायत चुनाव, मंत्री प्रहलाद पटेल ने दिए संकेत; 25 दिसंबर को 2,472 नए पंचायत भवनों का होगा लोकार्पण

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अप्रैल-मई 2027 में कराए जा सकते हैं। डॉ. मोहन यादव सरकार पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने से एक-दो महीने पहले चुनाव कराने की तैयारी कर रही है। प्रदेश में करीब 23 हजार पंचायतें हैं।

चुनाव से पहले पंचायत राज व्यवस्था में भी बड़े बदलाव की तैयारी है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि ग्रामसभा के अधिकार पंचायत समितियों को देने का प्रस्ताव है। सरकार नवंबर तक नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है।

पंचायतों को टैक्स लगाने का अधिकार


सरकार पंचायतों को नगरपालिका की तर्ज पर टैक्स लगाने का अधिकार देने की दिशा में भी काम कर रही है। हालांकि, पंचायतें किन मदों पर टैक्स वसूल सकेंगी और इसकी दरें कितनी होंगी, इसका अंतिम फैसला अभी सामने नहीं आया है।

पंचायत राज नियमों में होगा बदलाव

मंत्री प्रहलाद पटेल ने बालाघाट जिले के वारासिवनी जनपद की ग्राम पंचायत गर्रा में आयोजित सरपंच सम्मेलन में कहा कि पंचायत राज नियमों में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए करीब एक महीने में नोटिफिकेशन जारी करने की तैयारी है।

उन्होंने कहा कि ग्रामसभा की अनिवार्यता बनी रहेगी, लेकिन उसके अधिकार पंचायत समितियों को सौंपे जाएंगे। यह बदलाव पंचायत राज व्यवस्था में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अप्रैल-मई 2027 में चुनाव की तैयारी

मध्यप्रदेश में पिछला त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जून-जुलाई 2022 में हुआ था। आगामी चुनाव के लिए मतदाता सूची 1 जनवरी 2027 की स्थिति के आधार पर तैयार किए जाने की बात कही गई है।

हालांकि, अप्रैल-मई 2027 में पंचायत चुनाव कराने की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। सरकार की तैयारी के अनुसार कार्यकाल पूरा होने से पहले चुनाव कराने का उद्देश्य नई पंचायतों को समय पर जिम्मेदारी सौंपना है।

2,472 पंचायत भवनों का होगा लोकार्पण

मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 2,472 पंचायत भवन बनकर तैयार हो चुके हैं। इनका लोकार्पण 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर किया जाएगा।

नए पंचायत भवनों के डिजाइन में बदलाव करते हुए उन्हें दो मंजिला बनाने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक भवन के लिए 37.50 लाख रुपए दिए गए हैं।

इसके अलावा प्रदेश में 3,700 से अधिक सामुदायिक भवन भी बनाए गए हैं। इनकी लागत 25 लाख से 48 लाख रुपए तक है। पांच हजार से अधिक आबादी वाली पंचायतों में कम से कम दो सामुदायिक भवन बनाए गए हैं।

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