Jabalpur News: विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, करंट लगने से दो युवकों की मौत, 10 से ज्यादा झुलसे

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। जिले के मझौली थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात प्रतिमा विसर्जन के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 10 से अधिक लोग झुलस गए। हादसे में विकास राजपूत (22) और प्रिंस चौहान (23) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, सिविल लाइन पाठ की प्रतिमा को विसर्जन के लिए नरीली तालाब ले जाया जा रहा था। प्रतिमा के साथ 50 से अधिक लोग मौजूद थे। इसी दौरान सिविल लाइन के पास बिजली के तार को ऊपर उठाने की कोशिश की गई। बताया जा रहा है कि 440 वोल्ट का तार ऊपर उठाते समय हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। इसके बाद करंट फैल गया और तार टूटकर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गिर गया। इसकी चपेट में आने से कई लोग झुलस गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

दो युवकों की मौत, कई की हालत गंभीर

हादसे में ट्रैक्टर पर सवार विकास राजपूत और प्रिंस चौहान की मौत हो गई। वहीं, मयंक राजपूत, विक्की रैकवार, मनीष राजपूत और आयुष रैकवार सहित अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल मझौली स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही मझौली थाना प्रभारी पूर्वा चौरसिया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने 108 एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

अस्पताल में स्टाफ नहीं होने का आरोप

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने मझौली स्वास्थ्य केंद्र में उपचार व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि घायलों को अस्पताल ले जाने के बाद वहां पर्याप्त स्टाफ मौजूद नहीं था और डॉक्टर करीब आधे घंटे बाद पहुंचे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस देरी के दौरान विकास और प्रिंस की मौत हो चुकी थी। हालांकि, अस्पताल में स्टाफ की उपलब्धता और उपचार में देरी के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

कार्रवाई की मांग को लेकर चक्काजाम

हादसे से आक्रोशित स्थानीय लोगों और मृतकों के परिजनों ने मझौली में चक्काजाम कर दिया। परिजनों की मांग है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि जब तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

घटना की जानकारी मिलने पर विधायक अजय बिश्नोई भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से चर्चा की। विधायक ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है और जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

 बिजली के तार लटकने की पहले भी दी गई थी सूचना

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बिजली के तार नीचे लटकने की समस्या की जानकारी पहले ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों और समिति के सदस्यों की बैठक में दी गई थी। तारों को ठीक कराने की मांग भी उठाई गई थी, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि यदि समय रहते बिजली के तारों को दुरुस्त करा दिया जाता, तो इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था।

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