दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। देवास जहरीली शराब कांड को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। प्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से सवाल किया कि क्या प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के धरने-प्रदर्शन, टेंट, लाइट, माइक, कार्यालय के बिजली बिल और कर्मचारियों की तनख्वाह का खर्च कथित नकली शराब के कारोबार से जुटाए गए पैसों से चलता है? उन्होंने कांग्रेस से इस मामले में जवाब मांगा है।
मंत्री सारंग ने कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन कासलीवाल की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कथित केमिकल सप्लाई को लेकर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, देवास शराब कांड के मुख्य आरोपी अजय राठौर और गोविंद ने अमन कासलीवाल से थिनर का ड्रम खरीदा था। सारंग ने इस कथित लेनदेन के आधार पर कांग्रेस की भूमिका और उसके खर्च के स्रोत पर सवाल खड़े किए।
जीतू पटवारी से मांगा जवाब
विश्वास सारंग ने सवाल किया कि क्या आनंद कासलीवाल और उनके बेटे अमन कासलीवाल प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का खर्च उठाते थे? उन्होंने पूछा कि क्या इसके लिए कथित अवैध शराब के कारोबार से पैसा जुटाया जाता था। मंत्री ने जीतू पटवारी से अमन की गिरफ्तारी के बाद पार्टी का रुख स्पष्ट करने और आनंद कासलीवाल की पार्टी में भूमिका पर जवाब देने की मांग की।
थिनर की सप्लाई जांच के दायरे में
देवास शराब कांड की जांच में कथित अवैध शराब के निर्माण और केमिकल की आपूर्ति से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस जांच के अनुसार, अजय राठौर और उसके साथियों पर नकली शराब बनाने और उसकी आपूर्ति करने के आरोप हैं। इसी मामले में अमन कासलीवाल का नाम कथित केमिकल सप्लाई की कड़ी में सामने आने की बात कही गई है।
वहीं, आनंद कासलीवाल ने अपने बेटे का बचाव करते हुए कहा है कि अमन की फर्म पेंट केमिकल और थिनर का वैध कारोबार करती है और सामग्री बिल के साथ बेची गई थी। ऐसे में केमिकल की बिक्री, उसके कथित इस्तेमाल और जहरीली शराब से हुई मौतों के बीच संबंध जांच के साक्ष्यों से स्थापित होना बाकी है।
शराब पीने के बाद बिगड़ी थी लोगों की तबीयत
देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की। जांच में कथित अवैध शराब की आपूर्ति, केमिकल की खरीद और शराब बनाने से जुड़ी कड़ियों की पड़ताल की जा रही है।
मामले में मौतों के वास्तविक कारणों और केमिकल की भूमिका का पता लगाने के लिए चिकित्सकीय और रासायनिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। इनसे स्पष्ट हो सकेगा कि शराब या उसमें इस्तेमाल किसी पदार्थ का मौतों से क्या संबंध था।
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