MP Weather Update: चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, भोपाल समेत कई जिलों में बारिश; पांढुर्णा मंडी में हजारों क्विंटल मक्का भीगा

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। मध्य प्रदेश में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर दूसरे दिन भी देखने को मिला। गुरुवार, 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। भोपाल, सिंगरौली, पांढुर्णा, रायसेन, विदिशा और सागर समेत कई इलाकों में बारिश और बूंदाबांदी हुई। आसमान में बादल छाने और ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट आई है। मौसम के इस बदलाव के साथ प्रदेश में सर्दी की शुरुआत का अहसास होने लगा है।

बेमौसम बारिश ने जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी, वहीं किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पांढुर्णा कृषि मंडी में खुले आसमान के नीचे रखा हजारों क्विंटल मक्का बारिश में भीग गया। इससे मक्के की गुणवत्ता प्रभावित होने और किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। दूसरी ओर, बारिश से तुअर, कपास और संतरे की फसलों को राहत मिलने की उम्मीद है।

भोपाल से इंदौर तक बदला मौसम

राजधानी भोपाल में सुबह के समय मौसम साफ रहने के बाद आसमान में बादल और धुंध छा गई। करीब 11 बजे बूंदाबांदी शुरू हुई। इंदौर में भी बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। विदिशा और टीकमगढ़ में दोपहर के समय रिमझिम बारिश हुई, जबकि सागर के रहली क्षेत्र में भी हल्की बौछारें दर्ज की गईं।

सिंगरौली में सुबह करीब 5 बजे से तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हुआ। सरई, माड़ा, चितरंगी, देवसर और बैढ़न में रुक-रुककर बारिश होने से मौसम ठंडा हो गया। सीहोर, दमोह और पिपरिया सहित अन्य इलाकों में भी बादल छाए रहे और हल्की बारिश की स्थिति बनी रही।

रायसेन में धान की उपज बचाने में जुटे किसान

रायसेन के दशहरे मैदान में धान की नीलामी के लिए करीब 200 ट्रॉलियों में उपज लेकर किसान पहुंचे थे। गुरुवार सुबह बारिश शुरू होते ही किसानों ने धान की बोरियों को तिरपाल से ढंकना शुरू कर दिया। किसानों को आशंका है कि बारिश तेज होने पर खुले मैदान में रखी उपज भीग सकती है, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ आर्थिक नुकसान भी हो सकता है।

मंडला, मैहर और रीवा क्षेत्र में अलर्ट

मंडला में बुधवार शाम तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। बिछिया और घुघरी सहित कई इलाकों में मौसम बदला। मौसम विभाग ने मंडला में गुरुवार को कहीं-कहीं अति भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी। वहीं, मैहर, सतना और रीवा संभाग में भी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना जताई गई है। मंडला के लिए 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का भी अलर्ट बताया गया है।

तापमान में गिरावट, सर्दी की आहट

लगातार बादल छाने, बारिश और ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के कई शहरों में तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। विदिशा में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि टीकमगढ़ में भी अधिकतम तापमान घटकर 28 डिग्री तक पहुंच गया। पिपरिया में सुबह से धूप नहीं निकलने और धुंध छाए रहने के कारण मौसम ठंडा बना रहा।

अक्टूबर के अंतिम दिनों में हुई इस बारिश ने सर्दी की आहट बढ़ा दी है। हालांकि, प्रदेश में मौसम का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रह सकता है। ऐसे में मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।

किसानों के लिए चिंता बढ़ी

बेमौसम बारिश से खुले में रखी कृषि उपज को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। मंडियों में रखे मक्का, धान और अन्य अनाज को तिरपाल से ढंककर सुरक्षित रखने की जरूरत है। किसानों को सलाह है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए अपनी उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि बारिश से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

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