दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की ‘वोट चोरी रैली’ में शामिल नहीं होना मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के कई पदाधिकारियों को भारी पड़ गया है। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने संगठनात्मक अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के 60 पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए पदाधिकारियों में प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, सचिव और विभिन्न जिलों के युवा कांग्रेस अध्यक्ष शामिल हैं।
इस संबंध में 3 नवंबर 2026 को भारतीय युवा कांग्रेस की ओर से निलंबन आदेश जारी किया गया। आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों के अनुपालन में 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट चोरी रैली’ में संबंधित पदाधिकारी अनुपस्थित रहे। इसे संगठनात्मक अनुशासनहीनता मानते हुए उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। आदेश के मुताबिक, सभी संबंधित पदाधिकारियों का निलंबन तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक लागू रहेगा।
प्रदेश स्तर के पदाधिकारी भी कार्रवाई की जद में
जारी सूची में मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें प्रदेश उपाध्यक्ष शिवराज यादव, राजवीर सिंह कुड़िया, योगिता सिंह परिहार, प्रमोद सिंह खरे और नीरज पटेल सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा प्रदेश महासचिवों और सचिवों को भी निलंबित किया गया है। सूची में कुल 60 पदाधिकारियों के नाम दर्ज हैं।
कई जिलों के युवा कांग्रेस अध्यक्ष भी निलंबित
कार्रवाई का दायरा केवल प्रदेश पदाधिकारियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विभिन्न जिलों के युवा कांग्रेस अध्यक्षों पर भी गाज गिरी है। निलंबित जिला अध्यक्षों में मैहर के सौरभ शर्मा, आगर के पृथ्वीराज चौहान, नीमच के मनमोहन शक्तावत, बुरहानपुर के अर्जुन जंगले, अनूपपुर के मानवेंद्र मिश्रा, गुना के पंचम भील, बड़वानी के आदित्य गोयल, छतरपुर के मानवेंद्र सिंह परमार और भिंड के मनीष पुरोहित के नाम शामिल हैं।
भारतीय युवा कांग्रेस के इस आदेश पर राष्ट्रीय संगठन के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस की प्रभारी शिवी सिंह चौहान और सह-प्रभारियों सहित राष्ट्रीय पदाधिकारियों की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रैली में अनुपस्थिति को संगठन के निर्देशों की अवहेलना के रूप में देखा गया है।
गौरतलब है कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ओर से ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर रैली आयोजित की गई थी। इस आयोजन में पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए केंद्र सरकार और निर्वाचन व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।
अब रैली में शामिल नहीं होने वाले मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के 60 पदाधिकारियों पर हुई कार्रवाई से प्रदेश संगठन में हलचल मच गई है। खास बात यह है कि निलंबन की जद में प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के साथ जिला अध्यक्ष भी आए हैं।
Tags
madhya pradesh


.jpeg)
