राहुल गांधी ने PM मोदी को दिया खुली बहस का चैलेंज, बोले- जगह और मंच आप चुनिए; अमित शाह का पलटवार- संसद चलने दीजिए, हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार सरकार

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर खुली बहस की चुनौती दी है। मंगलवार को जारी करीब डेढ़ मिनट के वीडियो में राहुल ने कहा कि मोदी जी विपक्ष को देशद्रोही बताते हैं, तो उनके साथ किसी भी मंच पर आमने-सामने बैठकर बहस करें। उन्होंने कहा कि बहस के लिए जगह और मंच प्रधानमंत्री खुद चुन सकते हैं। राहुल ने विदेशी ताकतों से कथित संबंध, वित्तीय व्यवस्था, अमेरिका के साथ हुई डील, उद्योगपति अडाणी से जुड़े मामले और एपस्टीन प्रकरण सहित कई मुद्दों पर खुली चर्चा की मांग की।

राहुल गांधी ने वीडियो में कहा कि प्रधानमंत्री को चुनौती दिए 24 घंटे हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया। उन्होंने सवाल उठाया कि देश विरोधी कौन है और विदेशी ताकतों से किसका किस तरह का संबंध है, यह बहस में स्पष्ट होना चाहिए। राहुल ने कहा कि अमेरिका के साथ समझौता इतनी जल्दी क्यों हुआ, कैबिनेट को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई और अडाणी मामले में क्या हुआ, इन सभी सवालों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।

राहुल ने अपने ऊपर दर्ज मानहानि के मुकदमों का जिक्र करते हुए दावा किया कि उनके खिलाफ करीब 45 मानहानि के मामले चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी संबंधों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी खुली बहस होनी चाहिए। वीडियो के अंत में राहुल ने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि बहस में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

अमित शाह बोले- सरकार हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार

राहुल गांधी की चुनौती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने नकली संसद बनाकर वास्तविक संसद का मजाक उड़ाया और चर्चा का नाटक किया।

शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए संसद का सुचारु रूप से चलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार विशेष सत्र बुलाकर एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर भी चर्चा करने को तैयार है।

अमित शाह ने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि संविधान हाथ में लेकर घूमने से उसका समर्थन नहीं होता, बल्कि व्यक्ति का आचरण भी संवैधानिक होना चाहिए। उन्होंने चुनौती दी कि यदि विपक्ष में हिम्मत है तो संसद और देश की जनता के सामने मुद्दों पर चर्चा करे।

पहले भी कई बार बहस की चुनौती दे चुके हैं राहुल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राहुल गांधी इससे पहले भी अलग-अलग मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से बहस की चुनौती दे चुके हैं। अगस्त 2018 में कर्नाटक के बेलगाम में राफेल सौदे को लेकर उन्होंने बहस की मांग की थी। जनवरी 2019 में लोकसभा में प्रधानमंत्री के साथ 20 मिनट आमने-सामने चर्चा करने की चुनौती दी थी।

अप्रैल 2019 में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी राहुल ने प्रधानमंत्री को बहस के लिए ललकारा था। वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पूर्व न्यायाधीश मदन लोकुर और एपी शाह के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा, अडाणी और चुनावी बॉन्ड जैसे मुद्दों पर सार्वजनिक बहस का प्रस्ताव रखा गया था।

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