बस्तर में जवानों के साथ PM मोदी ने मनाई दिवाली, बोले- हथियारबंद नक्सली खत्म, अब ‘दिमागी नक्सलियों’ से लड़ने की जरूरत

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 8 नवंबर को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के करणपुर स्थित CRPF के कोबरा ऑपरेशंस बेस पहुंचकर जवानों के साथ दीपावली मनाई। इस दौरान उन्होंने जवानों को मिठाई खिलाई, उनसे बातचीत की और देश की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हथियार उठाने वाले नक्सलियों का सफाया हो चुका है, लेकिन अब देश को दिमागी नक्सलियों से भी लड़ना होगा। उनकी पहचान करना जरूरी है, क्योंकि ऐसे लोग विभिन्न संगठनों में रहकर लोगों को संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ भड़काने का काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी लगातार 13वीं बार देश के सुरक्षा बलों के जवानों के बीच दीपावली मनाने पहुंचे। इस बार उन्होंने बस्तर को चुना, जहां कभी नक्सलवाद का गहरा प्रभाव रहा है। जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 2026 की दीपावली बेहद खास है, क्योंकि पहली बार देश का हर जिला नक्सलवाद के डर से मुक्त हुआ है। यह उपलब्धि सुरक्षा बलों के जवानों के शौर्य, साहस और बलिदान का परिणाम है।

मोदी ने कहा कि किसी भी देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होती है, तो बाहरी दुश्मन भी सफल नहीं हो पाते। लेकिन जब आंतरिक सुरक्षा कमजोर होती है, तो बाहरी दुश्मन भी सिर उठाने लगते हैं। सीमाओं पर सेना जिस तरह देश की रक्षा करती है, उसी तरह देश के भीतर CRPF और अन्य सुरक्षा बल के जवान राष्ट्र की एकता और अखंडता को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

एक साल में CRPF का कोई जवान ड्यूटी के दौरान शहीद नहीं हुआ

प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान CRPF के किसी जवान की जान नहीं गई। उन्होंने इसे जवानों के शौर्य, साहस, संयम और सरकार की सही नीतियों की जीत बताया। मोदी ने कहा कि लंबे समय तक ऐसी स्थिति रही, जब नक्सलियों के मुकाबले हमारे ज्यादा बहादुर जवान शहीद हो रहे थे।

उन्होंने 2004 से 2013 के आंकड़ों का हवाला देते हुए पिछली सरकारों पर निशाना साधा और कहा कि उस समय नक्सलवाद को ऐसी बीमारी मान लिया गया था, जिसका कोई इलाज नहीं है। छत्तीसगढ़ की धरती पर हजारों जवानों और निर्दोष नागरिकों ने अपनी जान गंवाई, लेकिन अब सुरक्षा बलों के प्रयासों से परिस्थितियां बदल रही हैं।

नक्सलियों की फंडिंग और सप्लाई नेटवर्क पर चोट

मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने कई कड़े फैसले लिए। नक्सलियों और अलगाववादियों की फंडिंग पर चोट की गई, नकली नोटों के नेटवर्क को खत्म किया गया और उनकी आर्थिक ताकत कमजोर की गई। इससे हथियारों की सप्लाई, आवाजाही और नए लोगों की भर्ती पर भी असर पड़ा।

उन्होंने कहा कि हथियारबंद नक्सलियों का प्रभाव खत्म होने के बावजूद सतर्कता जरूरी है। अब ऐसे विचारों और गतिविधियों की पहचान करनी होगी, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ लोगों को भड़काने का प्रयास करती हैं।

50 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने का किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की आर्थिक और सामाजिक उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत के करीब 50 करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने इसे सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का परिणाम बताया।

कार्यक्रम के दौरान जवानों में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रधानमंत्री के कोबरा ऑपरेशंस बेस पहुंचने पर भारत माता की जय के नारे लगाए गए। मोदी ने महिला जवानों सहित अन्य सुरक्षाकर्मियों को मिठाई खिलाकर दीपावली की शुभकामनाएं दीं और उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के 140 करोड़ नागरिकों को सुरक्षा बलों पर गर्व है। जवानों का त्याग और समर्पण देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सभी जवानों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे जहां भी तैनात हैं, वहीं से देश की सुरक्षा में अपना योगदान दे रहे हैं।

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