दैनिक सांध्य बन्धु दमोह। तेंदूखेड़ा ब्लॉक के करीब आठ गांवों के किसानों की सिंचित जमीन को राजस्व विभाग द्वारा अपने राजपत्र में असिंचित घोषित किए जाने पर किसानों में भारी आक्रोश है। इन किसानों के पास सिंचाई के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, इसके बावजूद उनकी भूमि को असिंचित श्रेणी में डाल दिया गया है। इस समस्या को लेकर किसानों और भाजपा पदाधिकारियों ने पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी को ज्ञापन सौंपा और इस स्थिति में सुधार की मांग की है।
समनापुर, बिलतरा, कोडल, बमनोदा, गोपालपुर सहित अन्य गांवों की खेती को कई साल पहले राजस्व विभाग के राजपत्र में असिंचित घोषित कर दिया गया था। जबकि इन गांवों में तालाब और नहरों के माध्यम से सिंचाई होती है, और किसान नियमित रूप से जल संसाधन विभाग को टैक्स भी अदा करते हैं। किसानों का कहना है कि उनकी उपज 18 से 20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है, लेकिन पंजीयन के दौरान उनकी उपज को मात्र आठ क्विंटल प्रति एकड़ दिखाया जाता है।
समनापुर के सरपंच इमरत यादव और अन्य किसानों ने बताया कि उनकी उपज की सही मात्रा को दर्शाने और उनकी जमीन को पुनः सिंचित श्रेणी में डालने के लिए उन्होंने कई बार प्रयास किए, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। असिंचित घोषित किए जाने के कारण, सरकारी खरीद केंद्रों में उनकी उपज केवल आठ क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से तौली जाती है, जिससे उन्हें काफी नुकसान हो रहा है। इससे निराश किसान अपनी बाकी उपज को कम कीमत पर व्यापारियों को बेचने पर मजबूर हैं।
पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने किसानों को आश्वासन दिया कि इस मामले को कलेक्टर के माध्यम से भोपाल भेजा जाएगा और आवश्यक सुधार कराया जाएगा, ताकि किसानों को उनके हक की सही कीमत मिल सके।
