MP News: स्कूलों में शराबी शिक्षकों का हाल, दिहाड़ी मजदूर पढ़ा रहे हैं बच्चे

दैनिक सांध्य बन्धु डिंडौरी। जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए दिहाड़ी पर मजदूर रखे जा रहे हैं, जबकि असली शिक्षक शराब पीकर सोते रहते हैं। जिले के प्रशासन द्वारा हाल ही में तैयार की गई लिस्ट में 24 ऐसे शिक्षक पाए गए हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

अमरपुर ब्लॉक के टिकरा टोला स्थित उन्नत प्राथमिक शाला में महेंद्र सिंह परस्ते नामक व्यक्ति 150 रुपए रोजाना पर बच्चों को पढ़ा रहा है। असली शिक्षक मत्ते सिंह मसराम शराब पीकर घर पर सोता है। महेंद्र सिंह ने बताया कि मत्ते सिंह उसे पढ़ाने के लिए पैसे देता है।

डिंडौरी जिले में कई स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने वाले असली शिक्षक अकसर शराब के नशे में रहते हैं और अपनी जगह दूसरों को पढ़ाने के लिए रखते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, मत्ते सिंह 1997 से गांव में ही पदस्थ है और हमेशा शराब के नशे में रहता है।

डिंडौरी के जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला ने कहा कि मामले की जांच के लिए बीआरसी और बीईओ को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि यह सही पाया जाता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले के 24 शराबी शिक्षकों की लिस्ट बनाई गई है, लेकिन उनमें से किसी का भी मेडिकल नहीं कराया गया, जिससे कोर्ट में वे यह कहकर बच जाते हैं कि वे शराब के नशे में नहीं थे।

सहायक आयुक्त ने बीईओ और बीआरसी को निर्देश दिया है कि जब भी स्कूलों में निरीक्षण करें, तो शिक्षकों का मेडिकल जरूर कराएं। मेडिकल रिपोर्ट के साथ निरीक्षण रिपोर्ट भी सबमिट करें ताकि कार्रवाई में कोई बाधा न आए।

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